भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में इस साल 14 जून को भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के अलावा कई विदेशी कैडेट भी हिस्सा लेंगे। यह प्रतिष्ठित अकादमी, जिसकी स्थापना 1 अक्टूबर 1932 को हुई थी, अब तक 65 हजार से अधिक कैडेट्स को प्रशिक्षित कर चुकी है। पहले बैच में मात्र 40 कैडेट पास आउट हुए थे, लेकिन आज इसकी प्रशिक्षण क्षमता बढ़कर 1660 जेंटलमैन कैडेट तक पहुंच गई है, जिनमें 34 मित्र देशों के कैडेट भी शामिल हैं।
पासिंग आउट परेड से पहले कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनके लिए कैडेट्स कड़ी मेहनत और अभ्यास में जुटे हुए हैं। 6 जून को एसीसी विंग की ग्रेजुएशन सेरेमनी होगी, जिसमें आर्मी कैडेट कॉलेज के कैडेट्स को डिग्री प्रदान की जाएगी और वे अकादमी के पूर्ण सदस्य बनेंगे। इसके बाद 12 जून को कमांडेंट परेड का आयोजन होगा, जो परेड की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
आईएमए का गौरवशाली इतिहास रहा है, जहां से पास आउट हुए कैडेट्स ने अपने देश-विदेश में सेना के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस बार की पासिंग आउट परेड में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, देश-विदेश के गणमान्य व्यक्ति और कैडेट्स के परिवारजन भी शिरकत करेंगे। यह आयोजन भारतीय सेना की शक्ति, अनुशासन और समर्पण का जीवंत प्रतीक माना जाता है।
अकादमी के अधिकारियों ने बताया कि कैडेट्स इस परेड की तैयारी में पूरी लगन से जुटे हैं ताकि वे अपने परिवार और राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण प्रस्तुत कर सकें। 14 जून को होने वाली इस भव्य परेड में नए अधिकारी अपने-अपने देशों की सेनाओं में अपनी सेवाएं देने के लिए शपथ ग्रहण करेंगे और अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताएंगे।
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