देहरादून निवासी एक राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी ने 70 वर्षीय कोच सतीश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने बताया कि मुरादाबाद निवासी कोच ने प्रैक्टिस के बहाने फार्महाउस पर बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर करियर बर्बाद करने की धमकी दी।
घटना के बाद खिलाड़ी ने देहरादून लौटकर रजपुरा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई, जिसे घटनास्थल मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र होने के कारण वहां ट्रांसफर कर दिया गया। अब भोजपुर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
फार्महाउस पर बुलाकर किया गलत व्यवहार
खिलाड़ी ने बताया कि वह देहरादून में एक महिला कोच से जूडो की ट्रेनिंग ले रही थी। इसी दौरान एनआईओएस भोपाल में उसका चयन हुआ, लेकिन महिला कोच ने वहां की ट्रेनिंग को कमजोर बताते हुए उसे मुरादाबाद निवासी सतीश शर्मा से ट्रेनिंग लेने की सलाह दी। इसके बाद कोच सतीश शर्मा ने उसे अपने सेंटर और फार्महाउस पर बुला लिया।
12 मार्च की सुबह पीड़िता को इस्लाम नगर स्थित फार्महाउस पर ले जाया गया। वहां कोई अन्य खिलाड़ी या स्टाफ मौजूद नहीं था। आरोप है कि प्रैक्टिस के बाद कोच ने उसे अपने कमरे में ले जाकर छेड़खानी की। जब पीड़िता ने विरोध किया तो कोच ने करियर खराब करने की धमकी दी।
मानसिक तनाव में आकर टूटा आत्मविश्वास
खिलाड़ी ने बताया कि इस घटना से वह मानसिक रूप से इतनी आहत हो गई कि उसका खेल पर बुरा असर पड़ा। होली के बाद होने वाले जूनियर नेशनल ट्रायल में वह प्रदर्शन नहीं कर सकी और हार गई। इसके बाद वह देहरादून लौट आई और मामले की शिकायत की।
मुख्यमंत्री से लेकर खेल संगठनों तक पहुंचाई शिकायत
पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद वह डिप्रेशन में चली गई और शारीरिक रूप से भी अस्वस्थ हो गई थीं, जिस कारण शुरुआत में शिकायत नहीं कर सकीं। बाद में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य के खेल मंत्री, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों और जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया तक अपनी शिकायत पहुंचाई।
पुलिस कर रही है गहन जांच
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि यह मामला भोजपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए देहरादून में दर्ज जीरो एफआईआर को यहां स्थानांतरित कर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी कोच का बयान
वहीं, आरोपी सतीश शर्मा ने कहा है कि उन्हें इस मामले की जानकारी सिर्फ देहरादून के रजपुरा थाने से सूचना मिलने के बाद हुई। उन्होंने कहा, “एफआईआर यहां क्यों दर्ज हुई, यह मुझे नहीं पता। फिलहाल मुझे कुछ कहना नहीं है, पुलिस जांच के बाद सच सामने आ जाएगा।”
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