झारसुगुड़ा: ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ रविवार तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना में ड्यूटी पर तैनात पांच पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा झारसुगुड़ा सदर थाना के ठीक सामने उस समय हुआ जब एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रेलर (टिपर) ने पुलिस की पीसीआर वैन को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में तीन अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
तड़के हुआ भीषण टकराव, उड़ गए बोलेरो के परखच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसा रविवार सुबह उस समय हुआ जब पुलिस की बोलेरो गाड़ी (PCR वैन) रूटीन गश्त या ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे एक भारी भरकम ट्रेलर ने वैन को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिस वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और लोहे के ढेर में तब्दील हो गया। हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग और थाने के अन्य कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पांच जांबाज जवान दम तोड़ चुके थे।
कर्तव्य पथ पर शहीद हुए ये पांच जवान
इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर ली गई है। शहीद होने वालों में शामिल हैं:
- निरंजन कुजूर (ड्रिल सब-इंस्पेक्टर)
- लिंगराज धुरुआ (एपीआर हवलदार)
- काशीराम भोई (एपीआर जवान)
- देबदत्त सा (एपीआर जवान)
- भक्तबंधु मिर्धा (होमगार्ड)
इन जवानों की असामयिक मृत्यु से न केवल उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि पूरे ओडिशा पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
तीन जवानों की हालत नाजुक, अस्पताल में संघर्ष जारी
हादसे में घायल हुए दो एपीआर जवानों और एक सार्जेंट को तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों को अंदरूनी चोटें आई हैं और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें बड़े अस्पताल रेफर किया जाएगा।
आरोपी चालक हिरासत में, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना कारित करने वाले ट्रेलर को जब्त कर लिया है और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया है। प्रारंभिक तौर पर यह तेज रफ्तार और लापरवाही का मामला लग रहा है, हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या चालक नशे में था या उसे झपकी आ गई थी।
इलाके में शोक और संवेदनाओं का तांता
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे झारसुगुड़ा क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य के वरिष्ठ मंत्रियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
यह घटना एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार की ओर इशारा करती है। सदर थाने के सामने ही इस तरह का हादसा होना सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने आने वाले दिनों में भारी वाहनों की चेकिंग और गति सीमा को लेकर कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
निष्कर्ष: ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले ये पांच पुलिसकर्मी हमेशा अपनी सेवा और समर्पण के लिए याद किए जाएंगे। पूरा प्रदेश आज इन शहीदों को नमन कर रहा है।










