अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

हरिद्वार: बिजली चोरी रोकने गई विजिलेंस टीम पर ग्रामीणों का हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालने पर केस दर्ज

On: February 18, 2026 8:12 AM
Follow Us:

हरिद्वार, उत्तराखंड: हरिद्वार जिले के पथरी क्षेत्र स्थित बहादरपुर जट गांव में बिजली चोरी रोकने गई ऊर्जा निगम (UPCL) की विजिलेंस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। बुधवार सुबह हुई इस घटना में टीम के सदस्यों के साथ हाथापाई की गई, जिससे मौके पर भारी हंगामा मच गया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
​घटना का विस्तृत विवरण:
​बुधवार की सुबह ऊर्जा निगम की विजिलेंस टीम बहादरपुर जट गांव में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाने पहुंची थी। टीम को सूचना मिली थी कि इस गांव में बड़े पैमाने पर कटिया डालकर या मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। टीम ने जब दो-तीन घरों में छापेमारी की और बिजली चोरी पकड़ी, तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
​धीरे-धीरे गुस्साए ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने विजिलेंस टीम को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों के साथ गाली-गलौज की और जब अधिकारियों ने कार्रवाई की बात कही, तो स्थिति और बिगड़ गई। भीड़ ने टीम के सदस्यों के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से टीम के सदस्य अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
​पुलिस का हस्तक्षेप और बचाव:
​विजिलेंस टीम पर हमले की खबर मिलते ही पथरी थाना अध्यक्ष मनोज नौटियाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को तितर-बितर किया और विजिलेंस टीम के सदस्यों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित निकाला। पुलिस के पहुंचने के बाद ही गांव में तनावपूर्ण शांति स्थापित हो सकी, हालांकि इस हंगामे के चलते छापेमारी की कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा।
​कानूनी कार्रवाई की तैयारी:
​पुलिस प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। थाना अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने बताया कि विजिलेंस टीम की ओर से आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर (शिकायत) दी जा रही है। पुलिस सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करेगी। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
​बिजली चोरी और ‘भीड़ तंत्र’ का बढ़ता खतरा:
​यह घटना एक बार फिर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ‘भीड़ तंत्र’ (Mob Mentality) के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जहां सरकारी अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय हमले का शिकार हो रहे हैं। बिजली चोरी एक आपराधिक कृत्य है, और इसे रोकने के लिए जाने वाले कर्मचारियों पर हमला करना कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। यदि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई नहीं होती है, तो यह बिजली चोरों को और अधिक embolden करेगा और ईमानदार उपभोक्ताओं पर भी बोझ बढ़ेगा।
​ऊर्जा निगम को भविष्य में ऐसी संवेदनशील जगहों पर छापेमारी के लिए पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, ताकि उनके कर्मचारी सुरक्षित माहौल में अपना काम कर सकें। वहीं, ग्रामीणों को भी समझना होगा कि कानून को अपने हाथ में लेना गंभीर परिणाम दे सकता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment