एसडीए (FSDA) की टीमों ने हरिद्वार से रुड़की तक कांवड़ पटरी मार्ग पर चलाया औचक निरीक्षण अभियान; श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए ढाबों और डेयरियों को दी सख्त चेतावनी
हरिद्वार:
उत्तराखंड के धर्मनगरी हरिद्वार में विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेले की धूम है। लाखों-करोड़ों की संख्या में शिवभक्त देश के कोने-कोने से मां गंगा का पवित्र जल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) एक्शन मोड में आ गया है।
कांवड़ियों और आम नागरिकों को शुद्ध व सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की अलग-अलग टीमों ने हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, डेयरियों तथा ढाबों पर ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
इस कार्रवाई के दौरान जहां एक तरफ भारी मात्रा में असुरक्षित और खराब पनीर को मौके पर ही नष्ट करवाया गया, वहीं दूसरी तरफ दूध और रोजाना इस्तेमाल होने वाले मसालों के संदिग्ध सैंपल भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
शांतिकुंज से हरकी पौड़ी तक खाद्य विभाग की सख्त चेकिंग
रविवार को जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीम ने हरिद्वार शहर के प्रमुख कांवड़ मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास गहन निरीक्षण किया। टीम ने शांतिकुंज, भूपतवाला, अपर रोड, विश्वप्रसिद्ध हरकी पौड़ी और बिल्केश्वर मंदिर क्षेत्र में स्थित दर्जनों मिठाई की दुकानों, डेयरियों और भोजनालयों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान विभाग ने गुणवत्ता पर संदेह होने पर कई खाद्य पदार्थों के नमूनों को सील किया:
• भूपतवाला स्थित एक चर्चित डेयरी से दूध का सैंपल लिया गया।
• शांतिकुंज क्षेत्र में संचालित एक ढाबे से खुले में बेचे जा रहे लाल मिर्च पाउडर और हल्दी पाउडर के सैंपल भरे गए।
इन सभी नमूनों को राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला (State Food Testing Laboratory) भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि पदार्थों में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम’ के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रुड़की कांवड़ पटरी मार्ग पर बड़ी कार्रवाई: 90 किलो खराब पनीर नष्ट
इसी अभियान की दूसरी कड़ी में, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में एक अन्य टीम ने रुड़की क्षेत्र के कांवड़ पटरी मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। कांवड़ यात्रा के दौरान इस मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए कई प्रकार के लंगर, शिविर और ढाबे संचालित होते हैं, जहां पनीर व अन्य दुग्ध उत्पादों की खपत काफी बढ़ जाती है।
टीम ने कांवड़ पटरी मार्ग पर स्थित कई डेयरियों और खाद्य दुकानों में अचानक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान एक डेयरी में करीब 90 किलोग्राम बासी और दूषित पनीर पाया गया, जो इंसानी खपत के लिए पूरी तरह से असुरक्षित था।
• अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए इस 90 किलो खराब पनीर को मौके पर ही पूरी तरह नष्ट करवा दिया।
• इसके अलावा, संदिग्ध पाई गई अन्य डेयरियों से पनीर के तीन अलग-अलग नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।
दुकानदारों और ढाबा संचालकों को कड़े निर्देश
छापेमारी और सैंपलिंग की इस कार्रवाई के साथ-साथ खाद्य अधिकारियों ने सभी व्यापारियों, डेयरी स्वामियों और ढाबा संचालकों को सख्त हिदायत दी है। टीम में मौजूद वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडे और कैलाशचंद्र टम्टा ने व्यवसायियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सेहत के साथ किसी भी सूरत में खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभाग द्वारा जारी मुख्य निर्देश:
1. स्वच्छता का विशेष ध्यान: दुकानों, रसोई और भोजन बनाने वाले स्थान पर सर्वोच्च स्तर की साफ-सफाई बनाए रखी जाए।
2. ताजा सामग्री का प्रयोग: श्रद्धालुओं को केवल ताजा पका हुआ भोजन ही परोसा जाए। किसी भी स्थिति में बासी या बासी बचे खाद्य पदार्थों की बिक्री न की जाए।
3. ढककर रखें खाद्य पदार्थ: मक्खियों, धूल-मिट्टी और प्रदूषण से बचाने के लिए सभी खाने-पीने की चीजों को कांच के काउंटर या जालीदार ढक्कन से पूरी तरह ढककर रखा जाए।
4. शुद्ध पानी का उपयोग: भोजन पकाने और पीने के लिए केवल स्वच्छ और उबले/फ़िल्टर किए गए पानी का ही इस्तेमाल हो।
मेले के अंत तक जारी रहेगा अभियान
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ मेले के समापन तक यह सैंपलिंग और निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। शहर के प्रवेश द्वारों से लेकर मेला क्षेत्र के भीतर तक अस्थायी और स्थायी दुकानों की रैंडम चेकिंग की जाएगी। यदि कोई व्यापारी मिलावटी, नकली या असुरक्षित खाद्य सामग्री बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ दुकान का लाइसेंस रद्द करने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से कांवड़ मेला क्षेत्र के मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है, वहीं दूर-दराज से आने वाले कांवड़ियों और स्थानीय निवासियों ने विभाग के इस कदम की सराहना की है।







