Haridwar Cleanliness: कांवड़ मेला संपन्न होने के बाद धर्मनगरी में बड़े स्तर पर Haridwar Cleanliness अभियान चलाया जा रहा है। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण गंगा घाटों, मेला क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया था। अब नगर निगम समेत कई सरकारी विभाग, स्थानीय संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन मिलकर शहर को फिर से स्वच्छ बनाने में जुटे हैं।
अभियान के तहत अब तक करीब 9 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है। हरकी पैड़ी समेत हरिद्वार के 100 से अधिक गंगा घाटों की सफाई लगभग पूरी कर ली गई है। सफाई व्यवस्था को तेज करने के लिए एक हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों और करीब 80 कूड़ा वाहनों को मैदान में उतारा गया है।
100 से ज्यादा गंगा घाटों पर चला सफाई अभियान
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने के कारण कई स्थानों पर नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी। खासकर शिवरात्रि से ठीक पहले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से कूड़ा उठाने वाले वाहनों को कई इलाकों तक समय पर पहुंचने में परेशानी हुई।
इस वजह से गंगा घाटों और मेला क्षेत्र में कचरा जमा हो गया था। मेला समाप्त होने के बाद प्रशासन ने विशेष सफाई अभियान शुरू किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य घाटों के साथ-साथ उन स्थानों को भी साफ करना है, जहां कांवड़ यात्रियों की सबसे ज्यादा आवाजाही रही।
प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 9 हजार मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया जा चुका है। इसमें मेला अवधि के दौरान घाटों से हटाया गया कचरा भी शामिल है।
शिवरात्रि के बाद 2 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया
अधिकारियों के मुताबिक, शिवरात्रि से पहले तक गंगा घाटों से करीब 7 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र करके कूड़ा निस्तारण प्लांट भेजा गया था। इसके बाद शिवरात्रि से अब तक लगभग 2 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा साफ किया गया।
इस तरह कुल करीब 9 हजार मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। प्रशासन का दावा है कि 100 से अधिक घाटों को पहले की स्थिति में लाने का काम लगभग पूरा हो गया है।
सफाई के साथ-साथ कई स्थानों पर दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है, ताकि मेले के बाद संक्रमण और गंदगी से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित किया जा सके।
हरकी पैड़ी से लेकर बैरागी कैंप तक सफाई
विशेष अभियान के दौरान हरिद्वार के कई प्रमुख इलाकों को शामिल किया गया है। बिरला घाट, रोड़ीबेलवाला मैदान, बैरागी कैंप, चमगादड़ टापू, लालजीवाला और अन्य गंगा घाटों पर सफाई का काम किया गया।
नगर निगम के साथ जिला पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत, खंड विकास कार्यालय, आपदा प्रबंधन विभाग और वन विभाग की टीमें भी अभियान में शामिल हैं। विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य भी सफाई में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
गुरुवार को भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 30 टन कूड़ा एकत्र कर सराय स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट भेजा गया।
1,000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी और 80 वाहन तैनात
Haridwar Cleanliness अभियान को तेजी से पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में मानव संसाधन और वाहन लगाए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, एक हजार से ज्यादा सफाई कर्मचारी अलग-अलग इलाकों में काम कर रहे हैं। करीब 80 कूड़ा वाहनों की मदद से एकत्रित कचरे को निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है।
सफाई अभियान में स्थानीय प्रशासन के अलावा सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही है। गुरुवार को ही 700 से अधिक लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में सफाई अभियान में हिस्सा लिया।
शांतिकुंज के 350 से ज्यादा स्वयंसेवक भी अभियान में शामिल
हरिद्वार में चल रहे सफाई अभियान में शांतिकुंज के 350 से अधिक स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया। स्वयंसेवकों ने रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में सफाई करने के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
इसके अलावा आईटीसी मिशन सुनहरा कल और श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम से जुड़े सदस्यों ने सीसीआर के आसपास के पार्क और अन्य क्षेत्रों में सफाई की।
इन संस्थाओं की भागीदारी से अभियान को अतिरिक्त मदद मिली और प्रशासनिक टीमों के साथ मिलकर कई इलाकों में तेजी से कचरा हटाने का काम किया गया।
सफाई के साथ जागरूकता पर भी जोर
प्रशासन केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सफाई अभियान के दौरान स्वयंसेवकों और अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से गंगा घाटों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने की अपील की।
नगर निगम और वन विभाग की टीमों ने बैरागी कैंप और लालजीवाला क्षेत्र में सफाई अभियान चलाने के साथ तिरंगा रैली भी निकाली। इसके जरिए स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने का प्रयास किया गया।
मेला क्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ बनाने का लक्ष्य
कांवड़ मेले के बाद शुरू हुआ यह अभियान अभी जारी है। प्रशासन का लक्ष्य पूरे मेला क्षेत्र, गंगा घाटों और प्रमुख मार्गों को पूरी तरह साफ करना है। इसके लिए अलग-अलग विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन शहर के लिए मेला समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बाद घाटों और सार्वजनिक स्थानों को जल्द से जल्द साफ करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
Haridwar Cleanliness अभियान के तहत बड़ी मात्रा में कचरा हटाए जाने के बाद अब प्रशासन का फोकस बाकी स्थानों की सफाई, दवा छिड़काव और स्वच्छता व्यवस्था को सामान्य स्थिति में लाने पर है। आने वाले दिनों में अभियान के और तेज होने की उम्मीद है।





