आपदा के बीच निरीक्षण के दौरान हुआ टकराव
देहरादून ज़िला इस समय आपदा की मार झेल रहा है, वहीं राहत और बचाव कार्यों के बीच सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी की तस्वीर सामने आई है। मंगलवार को सहस्रधारा–मालदेवता क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और जिलाधिकारी सविन बंसल के बीच तनातनी हो गई।
मंत्री ने जताया गुस्सा
स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर लौट रहे थे, तभी उनकी नज़र जिलाधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह पर पड़ी, जो मौके का जायज़ा लेने पहुँच रहे थे। जिलाधिकारी को देखकर मंत्री अचानक भड़क उठे और कथित तौर पर कह दिया – “तुम यहां क्यों आए हो।”
इसके बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से नाराज़गी जताते हुए जिलाधिकारी को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। वहीं, जिलाधिकारी ने संयम बरतते हुए हाथ जोड़कर स्थिति संभालने की कोशिश की और आगे बढ़ गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बुधवार सुबह से यह पूरा वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेज़ी से फैल गया। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आपदा की इस गंभीर घड़ी में प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन सरकार के मंत्री अधिकारियों से अभद्रता कर रहे हैं।
दूसरी ओर, भाजपा प्रवक्ता ने मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि गणेश जोशी का आशय केवल आपदा प्रभावितों की मदद सुनिश्चित करने से था।
फोन न उठाने पर जताई नाराज़गी
वायरल वीडियो में मंत्री यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि मुख्य सचिव और मंडलायुक्त ने उनका फोन रिसीव किया, लेकिन जिलाधिकारी ने फोन नहीं उठाया। मजबूरन उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से संपर्क साधना पड़ा।
नागरिक संगठनों ने जताया विरोध
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संयुक्त नागरिक संगठन ने मंत्री गणेश जोशी के व्यवहार की कड़ी निंदा की। संगठन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मंत्री से सार्वजनिक माफ़ी की मांग की।
पत्र पर प्रेम सिंह रावत, आलोक कुमार गोयल, प्रदीप शुक्ला, आरआर पैन्यूली, फारुक हसन, राजेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. आशालाल और सुशील त्यागी सहित कई लोगों के हस्ताक्षर हैं।
जिलाधिकारी और मंत्री की प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा,
“मैं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण इसलिए कर रहा था ताकि नुकसान का आकलन कर प्रभावितों तक तुरंत राहत पहुँचाई जा सके। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप मैं अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूँ और करता रहूँगा।”
वहीं, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“इस विषय पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। जो हुआ, सो हुआ, अब इस पर कुछ कहना उचित नहीं है।”
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