अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

Guru Govind Singh Jayanti: सिखों के गुरु की जीवनी, जानिए उनसे जुड़े कुछ facts

On: February 9, 2022 6:01 PM
Follow Us:


Guru Govind Singh Jayanti: सिखों के गुरु की जीवनी, जानिए उनसे जुड़े कुछ facts

आज सिखों के गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती है, आइये जानें उनकी जिंदगी की कुछ अनोखी बातें।

Guru Govind Singh Jayanti : गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म 20 जनवरी 1666, पटना में हुआ था। जन्म से इनका नाम गोबिंद राय था, सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु टेग बहादुर के यह एकमात्र पुत्र थे। उनके पिता, गुरु टेग बहादुर ने मुग़ल सल्तनत से सुलह करने के प्रयास किये लेकिन औरंगज़ेब ने उन्हें बंदी बना लिया और फिर दिल्ली में सरेआम फांसी दी क्योंकि उन्होंने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया था। इस क्रूरता के बाद सिखों में गहरा रोष व्याप्त था और इसके बाद Govind जी को दसवाँ गुरु बनाया गया।

Guru Govind Singh Jayanti: सिखों के गुरु की जीवनी, जानिए उनसे जुड़े कुछ factsGuru Govind Singh के कुछ फैसले जो सिखों के लोए प्रेणास्त्रोत

Guru Gobind Singh ने अपने जीवनकाल में कुछ ऐसे फैसले लिए जो आज भी सिखों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। 1699 की वैसाखी के दौरान उन्होंने खालसा की शुरुआत करी थी और 5 युवकों को अमृतपान कराया था जिसके बाद वो पांच, पंज प्यारे कहलाये और इसके बाद उन पांचो ने गुरु गोविंद जी को भी अमृतपान कराया जिसके बाद उनका नाम Guru Govind Singh हो गया। उन्होंने खालसा के लिए कुछ नियम बनाये जैसे कि 5 K यानी कि –

1)केश: बाल ना काटना

2)कंघा: लकड़ी की एक कंघी

3)कडा: लोहे और स्टील का एक ब्रेसलेट।

4)कृपाण: चाकू या तलवार

5)काछेरा: नीचे का पहनावा।

Guru Govind Singh Jayanti: सिखों के गुरु की जीवनी, जानिए उनसे जुड़े कुछ facts

यह भी पढ़े : उत्तराखंड में खुलने जा रहे हैं स्कूल, तारीख आई सामने, जानिए किस तारीख से खुलेंगे स्कूल

खालसा को एक पंत के रूप में ढाला।

Guru Govind singh ने खालसा को एक पंत के रूप में ढाला, खालसा पंत में सिखों के लिये कुछ खास नियम थे जैसे कि तम्बाकू या हलाल मांस का खाना वर्जित था। औरतों और पुरुषों और अलग अलग जातों का साथ ही में अमृतपान हुआ जिससे लोगों में समानता की भावना बढ़ाने में मदद मिली। अपने कार्यों से उन्होंने मुग़लों की दमनकारी शासन का विरोध किया और सिखों और हिंदुओं की मुग़लो के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाया ।

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए  यहां क्लिक करें, साथ ही और भी Hindi News ( हिंदी समाचार ) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें. व्हाट्सएप ग्रुप को जॉइन करने के लिए  यहां क्लिक करें,

Share this story

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment