मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के वरिष्ठ IAS अधिकारियों ने एक सराहनीय कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अनुरोध किया था कि वे अपने पहले कार्यक्षेत्र के गांवों को गोद लेकर उनके विकास की दिशा में ठोस काम करें। इस अपील के बाद अब तक 40 वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने प्रथम नियुक्ति वाले गांवों को गोद लिया है और वहां कार्य शुरू कर दिया है।
इस दिशा में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। कई अधिकारियों ने गांवों में रात्रि प्रवास कर जमीनी समस्याओं को प्रत्यक्ष अनुभव किया है। इसके बाद अब वे गांवों की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी आवश्यकताओं की पहचान कर विकास की कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। यह योजनाएं राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं के साथ समन्वय बनाकर क्रियान्वित की जाएंगी।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने 20 मई को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे, जिनमें सभी अधिकारियों से कहा गया था कि वे अपने पहले तैनाती वाले क्षेत्र में आए बदलावों की समीक्षा करें। उन्हें यह भी बताना है कि सीएसआर फंड या अन्य संसाधनों के माध्यम से गांवों में किस प्रकार के सुधार किए जा सकते हैं और प्राप्त वित्तीय संसाधनों का 100% प्रभावी उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जाए।
इस प्रयास में अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी मिल रहा है, जिससे यह पहल एक सामूहिक अभियान का रूप ले रही है। मुख्यमंत्री धामी का मानना है कि गांवों का सशक्तिकरण ही राज्य और देश को आत्मनिर्भर बनाने की नींव है, और यह कदम उसी दिशा में एक सार्थक शुरुआत है।
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