नई दिल्ली:
अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके युवाओं (पूर्व अग्निवीरों) के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने संसद (लोकसभा) में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) तथा राइफलमैन के पदों पर 50 प्रतिशत तक का आरक्षण प्रदान किया जाएगा।
सरकार के इस कदम से उन युवाओं को बड़ा संबल मिलेगा जो 4 साल का सेवाकाल पूरा करने के बाद भारतीय रक्षा बलों से बाहर आएंगे। गृह मंत्रालय द्वारा उठाए गए इस कदम से न केवल पूर्व अग्निवीरों का भविष्य संवरने में मदद मिलेगी, बल्कि अर्धसैनिक बलों को भी पहले से प्रशिक्षित और अनुशासित जनशक्ति प्राप्त होगी।
लोकसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी
मंगलवार को संसद के निचले सदन में एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस नीतिगत निर्णय की औपचारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीरों के समायोजन के लिए नियमों में स्पष्ट संशोधन किए हैं।
गृह राज्य मंत्री ने बताया कि इन पदों के लिए विशेष रूप से ‘पूर्व-अग्निवीर’ (Ex-Agniveer) नाम से एक अलग श्रेणी तैयार की गई है। इस नई श्रेणी के तहत सुरक्षा बलों की भर्ती में 50 फीसदी रिक्तियां इन युवाओं के लिए आरक्षित रखी जाएंगी।
आयु सीमा में विशेष छूट का प्रावधान
भर्ती में आरक्षण के साथ-साथ सरकार ने आयु सीमा में भी महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है, ताकि अधिकतम उम्मीदवार इस योजना का लाभ उठा सकें:
• सामान्य छूट: पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाएगी।
• पहला बैच: अग्निपथ योजना के पहले बैच के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है।
यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अग्निवीरों के पहले बैच का 4 साल का कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व ही उनके पुनर्वास और रोजगार की रूपरेखा पूरी तरह तैयार कर ली गई है।
शारीरिक और लिखित परीक्षा से मिलेगी मुक्ति
भर्ती प्रक्रिया को पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिक सुलभ बनाते हुए गृह मंत्रालय ने छूट के दायरे को और व्यापक किया है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के अनुसार, जो पूर्व अग्निवीर CAPF कॉन्स्टेबल (GD) और असम राइफल्स में राइफलमैन के पदों के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें निम्नलिखित प्रक्रियाओं से पूरी तरह छूट दी जाएगी:
1. शारीरिक मानक परीक्षण (Physical Standard Test – PST)
2. शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test – PET)
3. लिखित परीक्षा (Written Examination)
चूँकि अग्निवीर अपने 4 वर्षों के कार्यकाल के दौरान कड़े सैन्य प्रशिक्षण और शारीरिक दक्षता के दौर से गुजर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें दोबारा इन बुनियादी परीक्षाओं से नहीं गुजारने का तर्कसंगत फैसला लिया गया है।
नियमों में संशोधन और ‘पूर्व-अग्निवीर विंग’ का गठन
रोजगार की इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए गृह मंत्रालय ने संस्थागत बदलाव भी किए हैं:
विशेष विंग का निर्माण: पूर्व अग्निवीरों की आगे की पदोन्नति (Promotions) और उनके सेवा-संबंधी तालमेल को बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय के अंतर्गत एक समर्पित ‘पूर्व-अग्निवीर विंग’ का गठन किया गया है।
भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव:
• BSF नियम संशोधन: दिसंबर 2025 में गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर ‘बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, जनरल ड्यूटी कैडर (नॉन-गजेटेड) भर्ती नियम, 2015’ में संशोधन किया। इसके तहत BSF में कॉन्स्टेबल (GD) के पदों पर पूर्व अग्निवीरों का कोटा 10% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया।
• CRPF एवं अन्य बल: इससे पूर्व, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने भी भर्ती नियमों में इसी प्रकार का संशोधन लागू किया था।
• अन्य श्रेणियों का आरक्षण: अधिसूचना के अनुसार, सीधी भर्ती के दौरान पूर्व-अग्निवीरों के 50% कोटे के अतिरिक्त, सालाना रिक्तियों में पूर्व-सैनिकों के लिए 10% और कॉम्बैटाइज्ड ट्रेड्समैन के लिए 3% का आरक्षण पूर्ववत बना रहेगा।
राष्ट्र सुरक्षा और युवाओं के भविष्य का संतुलन
सरकार के इस फैसले का देश के रक्षा विशेषज्ञ और युवा वर्ग दोनों ही स्वागत कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद से युवाओं के मन में भविष्य के रोजगार को लेकर जो शंकाएं थीं, इस नीतिगत फैसले के बाद वे काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
4 साल का सैन्य अनुभव, कठोर अनुशासन और अब CAPF जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में 50% आरक्षण का लाभ पाकर पूर्व अग्निवीर देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में अपनी द्वितीयक भूमिका निभाएंगे।
ये भी पढ़े➜Karnataka Rape Case: कार से अगवा कर महिला से गैंगरेप, मैसूर पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार