जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आमजन की समस्याएं सुनीं और तुरंत ही कार्रवाई का निर्देश भी जारी किया। एक मामले में शिकायतकर्ता सत्यनारायण ने बताया कि यूनियन बैंक से जुड़ा उनका विवाद लोक अदालत में निपट चुका है, लेकिन बैंक प्रबंधन उसे मानने से इनकार कर रहा है। इस पर डीएम ने बैंक प्रबंधक को मौके पर तलब कर लिया और विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र जारी कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दे दिए।
भूमि विवादों और अवैध कब्जों पर सख्त रुख
डीएम ने भूमि संबंधी विवादों पर सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों की मौके पर जाकर जांच करें और रिपोर्ट के साथ अपना स्पष्ट मंतव्य भी दें। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनसुनवाई में कुल 150 शिकायतें सामने आईं, जिनमें भूमि विवाद, अवैध कब्जे, जल संस्थान और वन विभाग से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं।
वरिष्ठ नागरिक से धोखाधड़ी, SSP को कार्रवाई का आदेश वरिष्ठ नागरिक बिन्द्रा देवी ने बताया कि वे आरए कन्स्ट्रक्शन नामक कंपनी से ज़मीन खरीदना चाह रही थीं और 27 लाख रुपये का भुगतान भी कर चुकी हैं, लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी न रजिस्ट्री हो पाई और न ही भरोसेमंद जवाब मिला। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी को वरिष्ठ नागरिक सेल के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
गंदे पानी की आपूर्ति और वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले में तत्काल संज्ञान वाणी विहार अधोईवाला के निवासियों ने शिकायत की कि जल संस्थान की टंकी से गंदा पानी उनके घरों में पहुंच रहा है। डीएम ने इस पर अधीक्षण अभियंता को तलब कर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, बलभद्र खलंगा विकास समिति ने नालापानी क्षेत्र में आरक्षित वन भूमि पर हुए अतिक्रमण की शिकायत की, जिस पर डीएम ने ग्रामीण सिलेइंग प्रभारी को जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
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