अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

Diwali 2025 Date: उत्तराखंड में कब मनाई जाएगी दीपावली – 20 या 21 अक्टूबर? जानिए ज्योतिषाचार्यों की राय

On: October 19, 2025 3:40 AM
Follow Us:

इस वर्ष दीपावली की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। देशभर के ज्योतिषाचार्य और पंचांग विशेषज्ञ इस बार दो अलग-अलग मत रख रहे हैं। कुछ विद्वानों का कहना है कि दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जानी चाहिए, जबकि उत्तराखंड विद्वत सभा ने 21 अक्टूबर को दीपावली का शास्त्रसम्मत दिन माना है।

ज्योतिषाचार्यों के एक वर्ग के अनुसार, 20 अक्टूबर को अमावस्या तिथि और प्रदोषकाल का शुभ संयोग बन रहा है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के धर्माचार्य व पंडितों ने भी 20 अक्टूबर को दीपावली मनाने का निर्णय लिया है। बद्री-केदार धाम के धर्माधिकारी पंडित राधाकृष्ण थपलियाल ने बताया कि इसी दिन रात में अमावस्या तिथि, प्रदोषकाल और शुभ मुहूर्त एक साथ पड़ रहे हैं, इसलिए यह समय लक्ष्मी पूजन के लिए अनुकूल है।

वहीं, दूसरी ओर उत्तराखंड विद्वत सभा का मत है कि दीपावली 21 अक्टूबर को मनाई जानी चाहिए। सभा के अध्यक्ष हर्षपति गोदियाल, प्रवक्ता विपिन चंद्र डोभाल और पूर्व अध्यक्ष आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने बताया कि पंचांगों का गहन अध्ययन कर और ज्योतिषाचार्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि 21 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी। उनका कहना है कि स्वाती नक्षत्र 21 तारीख को रहेगा, और परंपरानुसार लक्ष्मी पूजन स्वाती नक्षत्र में ही किया जाता है।

ज्योतिषाचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर शाम 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। चूंकि लक्ष्मी पूजन निशिता काल में किया जाता है, जो 20 तारीख की रात को पड़ेगा, इसलिए कुछ विद्वान इस दिन को अधिक उपयुक्त मानते हैं।

इसी तरह किशननगर चौक स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पंडित प्रमोद चमोली ने बताया कि अधिकतर पंचांगों के अनुसार 20 अक्टूबर की रात 8 बजकर 17 मिनट से चित्रा नक्षत्र आरंभ होकर 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, जबकि स्वाती नक्षत्र 21 तारीख को लगेगा और लक्ष्मी पूजा का विधान इसी नक्षत्र में बताया गया है।

इस तरह इस वर्ष दीपावली दो दिनों—सोमवार और मंगलवार—दोनों दिन मनाई जाएगी। एक वर्ग 20 अक्टूबर को शास्त्रसम्मत मान रहा है, जबकि विद्वत सभा ने 21 अक्टूबर को शुभ बताया है। भक्तों के लिए यह स्थिति भले ही थोड़ी भ्रमित करने वाली हो, लेकिन दोनों ही दिनों में मां लक्ष्मी की आराधना का समान महत्व रहेगा।

यह भी पढ़ें – उत्तराखंड के युवाओं के लिए बड़ी सौगात: सेना में भर्ती की तैयारी अब होगी निशुल्क, खेल विभाग देगा विशेष प्रशिक्षण

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment