देहरादून। उत्तराखंड ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में दिए गए दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलों को अगले 10 वर्षों की कार्ययोजना बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिसमें विकसित गांवों, शहरों और जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
हर जिले को मिलेगी नई पहचान, वैश्विक मानकों पर होगा विकास
मुख्य सचिव ने सचिवालय में आयोजित सचिव समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रत्येक जिले को एक मॉडल क्षेत्र चिन्हित कर उसे वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस दिशा में जल्द कार्य प्रारंभ किया जाए ताकि लक्ष्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जा सकें।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान, निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश में निर्मित स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए उनके निर्यात को बढ़ाने पर बल दिया गया। इसके लिए उद्योग विभाग को एक ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें।
प्रौद्योगिकी से होगी जनसेवा, ई-गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
मुख्य सचिव ने कहा कि यह सदी प्रौद्योगिकी की सदी है और इसके प्रभाव को योजनाओं में समाहित करना समय की आवश्यकता है। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने, स्टेट कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (State-CERT) बनाने और एक मजबूत डिजिटल इको सिस्टम विकसित करने के लिए गृह एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
वैदिक गणित को मिलेगी नई ऊर्जा, शिक्षा विभाग को मिले निर्देश
राज्य में वैदिक गणित के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष जोर दिया गया है। मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों को मिलकर वैदिक गणित को पाठ्यक्रम और कौशल विकास से जोड़ने को कहा। साथ ही, प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन व संरक्षण के लिए संस्कृति विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्य सजग, बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा पर्यावरण दिवस
5 जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस को उत्तराखंड में विशेष आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए प्रमुख सचिव आरके सुधांशु को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी जिलों को अपने पर्यावरणीय एवं दीर्घकालिक समस्याओं की सूची तैयार कर उच्च स्तर पर समाधान के लिए भेजने के निर्देश भी दिए गए।
कोविड की स्थिति पर भी रखी गई नजर
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार से राज्य में कोविड संक्रमण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी भी इस बैठक से जुड़े रहे। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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