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Dehradun Update: अब लैंगिक हमलों से पीड़ित बालकों को भी मिलेगी आर्थिक मदद, कैबिनेट ने दी संशोधन को हरी झंडी

On: August 21, 2025 9:41 AM
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उत्तराखंड कैबिनेट ने अपराध से पीड़ित सहायता योजना-2013 में बड़ा संशोधन करते हुए लैंगिक हमलों के शिकार बालकों को भी आर्थिक सहयोग देने का निर्णय लिया है। पहले यह लाभ सिर्फ पीड़ित बालिकाओं तक सीमित था, लेकिन अब पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मुकदमों में बालकों को भी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

अपराध पीड़ित सहायता योजना का इतिहास

यह योजना उत्तराखंड में वर्ष 2013 से लागू है। वर्ष 2014 और 2016 में इसमें संशोधन किए गए थे। अब पॉक्सो कोर्ट के आदेशों के अनुपालन और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता योजना-2025 को अधिसूचित किया गया है।

संशोधन का उद्देश्य

पॉक्सो अधिनियम-2012 (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) के तहत प्रभावित बच्चों को शीघ्र, न्यायसंगत और पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य है। इससे पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान बेहतर सहयोग मिलेगा।

कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?

संशोधित योजना के अनुसार विभिन्न अपराधों में पीड़ित बच्चों को 20 हजार रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। राशि का निर्धारण अपराध की गंभीरता के आधार पर किया जाएगा।

सहायता राशि का निर्धारण इस प्रकार होगा –

प्रवेशन लैंगिक हमला (पॉक्सो धारा–4) : 1 लाख से 7 लाख रुपये

गंभीर प्रवेशन लैंगिक हमला (पॉक्सो धारा–6) : 1 लाख से 7 लाख रुपये

लैंगिक हमला (पॉक्सो धारा–7) : 50 हजार से 1 लाख रुपये

गंभीर लैंगिक हमला (पॉक्सो धारा–9) : 50 हजार से 2 लाख रुपये

लैंगिक उत्पीड़न (पॉक्सो धारा–11) : 20 हजार से 1 लाख रुपये

अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग (पॉक्सो धारा–14) : 50 हजार से 1 लाख रुपये

बड़ा कदम न्याय की ओर

कैबिनेट का यह निर्णय न केवल पीड़ित बच्चों को आर्थिक सुरक्षा देगा, बल्कि न्याय प्रणाली पर विश्वास भी मजबूत करेगा। संशोधित योजना से उम्मीद है कि लैंगिक अपराधों के खिलाफ लड़ाई और अधिक सशक्त होगी।

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