देहरादून में एक आंगनबाड़ी सहायिका के साथ विश्वासघात और ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। परिचित व्यक्ति ने महिला को भरोसे में लेकर न सिर्फ उससे 5.50 लाख रुपये नकद ले लिए, बल्कि 45 तोला सोना भी अलग-अलग बैंकों में गिरवी रखवाकर लाखों रुपये हड़प लिए। तीन साल तक रकम वापस न मिलने और धमकियां मिलने के बाद पीड़िता ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई, जिसके आदेश पर अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विजय कॉलोनी, हाथीबड़कला निवासी गीता शर्मा आंगनबाड़ी सहायिका हैं। अपने कार्य के दौरान उनकी कई लोगों से जान-पहचान हुई। इसी दौरान एक महिला कार्यकर्ता के माध्यम से उनकी मुलाकात नवलदीप सिंह निवासी सुभाषनगर, क्लेमेनटाउन से हुई। आरोपी ने खुद को विश्वसनीय बताते हुए पहले गीता शर्मा से 5.50 लाख रुपये उधार ले लिए।
इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को और अधिक भरोसे में लेकर 45 तोला सोना मुथूट गोल्ड लोन बैंक, राजपुर रोड तथा केपरी गोल्ड लोन बैंक, शिमला बाइपास में गिरवी रखवाया। इन बैंकों से मिले लाखों रुपये भी आरोपी ने अपने पास रख लिए। उसने वादा किया था कि एक माह के भीतर पूरी रकम लौटा देगा।
हालांकि, तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी ने न तो नकद राशि लौटाई और न ही गिरवी रखे गए सोने की भरपाई की। अब वह पैसे मांगने पर पीड़िता को धमकियां भी दे रहा है। गीता शर्मा का कहना है कि उनके परिवार को अब भी यही लगता है कि सोना सुरक्षित अलमारी में रखा है, जबकि वास्तव में आरोपी उसे पहले ही गिरवी रखकर रकम हड़प चुका है।
पीड़िता ने कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार निराशा हाथ लगने के बाद वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। डीएम सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शहर कोतवाली पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश के बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।






