देहरादून के प्राचीन और ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर से भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित चांदी का नाग चोरी हो गया। यह नाग करीब 200 ग्राम वजनी बताया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन ने इस घटना को न सिर्फ भौतिक क्षति, बल्कि धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी परंपरा पर गहरी चोट बताया है।
सूचना के बाद मंदिर सेवा दल ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और एक संदिग्ध को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। कैंट थानाध्यक्ष केसी भट्ट ने बताया कि आरोपी की पहचान और चोरी की पूरी जांच की जा रही है। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और चोरी हुए नाग की बरामदगी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चांदी का नाग भगवान शिव के मस्तक पर पुनः स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
टपकेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास
टपकेश्वर महादेव मंदिर न केवल देहरादून, बल्कि पूरे देश के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। महाभारत काल से जुड़ा यह मंदिर लगभग 6000 वर्ष पुराना माना जाता है। यह मंदिर एक प्राकृतिक गुफा में स्थित है, जिसे द्रोण गुफा के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यहीं गुरु द्रोणाचार्य ने कठोर तपस्या की थी।
कथा के अनुसार, जब उनके पुत्र अश्वत्थामा दूध के लिए रोए, तब भगवान शिव प्रसन्न होकर गुफा की छत से दूध की धारा प्रवाहित करने लगे। उसी कारण यह शिवलिंग पहले दूधेश्वर महादेव कहलाया। कलियुग में यह दूध की धारा जल में परिवर्तित हो गई, जो आज भी बूंद-बूंद गिरकर शिवलिंग का जलाभिषेक करती है। इसी कारण यह स्थान टपकेश्वर महादेव नाम से प्रसिद्ध है।
यह भी पढ़ें – उत्तराखंड में ऑनलाइन हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर लाखों रुपए की ठगी, चार गिरफ्तार





