देहरादून। राजधानी में 14 साल बाद होने जा रही जनगणना को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम के जनगणना अनुभाग ने सभी 100 वार्डों में ब्लॉक निर्धारण का काम लगभग पूरा कर लिया है। प्रत्येक वार्ड में औसतन 16 ब्लॉक बनाए गए हैं। अनुमान है कि एक जनवरी 2026 से जनगणना का फील्ड सर्वे शुरू हो जाएगा। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप के जरिए की जाएगी, जिससे आंकड़े सीधे ऑनलाइन दर्ज होंगे।
नए वार्डों और गांवों की सटीक तस्वीर सामने आएगी
साल 2011 के बाद पहली बार जनगणना होने जा रही है। उस समय देहरादून नगर निगम में 60 वार्ड थे और आबादी करीब 5.7 लाख थी। लेकिन वर्ष 2018 में निगम की सीमा विस्तार के बाद 72 गांवों को जोड़ा गया और अब कुल 100 वार्ड हो गए हैं। इन नए जोड़े गए क्षेत्रों — जैसे बालावाला, हर्रावाला, मोथरोवाला, मालसी, गुजराड़ा मानसिंह, डांडा लखौड़, नेहरूग्राम, रायपुर, लाडपुर, बंजारावाला और बद्रीपुर — में बीते कुछ वर्षों में तेजी से कॉलोनियां, अपार्टमेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित हुए हैं।
अंदाजा है कि इन इलाकों में अब करीब 15 हजार व्यावसायिक भवन हैं। जनगणना के बाद इन क्षेत्रों की आबादी और भवनों के सटीक आंकड़े पहली बार सामने आएंगे।
करीब 1600 ब्लॉक बनाए गए, हर ब्लॉक में 600 से 650 लोग
नगर निगम क्षेत्र में इस बार कुल 1600 ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में लगभग 600 से 650 लोगों की जनसंख्या को शामिल किया गया है। 2011 की जनगणना में 60 वार्डों के लिए 1428 ब्लॉक थे, लेकिन अब वार्ड और आबादी दोनों बढ़ने से ब्लॉक की संख्या भी बढ़ा दी गई है।
डिजिटल मोड में होगी जनगणना
यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में की जाएगी। हर गणनाकर्मी के मोबाइल में विशेष जनगणना एप रहेगा, जिसमें घर-घर जाकर जुटाए गए आंकड़े सीधे दर्ज होंगे।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि फरवरी 2027 तक जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
चुनाव और विकास योजनाओं के लिए अहम आंकड़े
फिलहाल देहरादून नगर निगम के चुनाव अब भी 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित हैं। बीते 14 वर्षों में जनसंख्या और भवन निर्माण में कई गुना इजाफा हुआ है। पुराने रिकॉर्ड के अनुसार, निगम क्षेत्र की आबादी 7.06 लाख थी, जबकि अब यह 10 लाख से अधिक होने का अनुमान है। नए आंकड़े सामने आने के बाद सीमा विस्तार, भवन कर, विकास योजनाओं और चुनावी परिसीमन के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार होगा।
पुराने 60 वार्डों में सवा लाख मकान
नगर निगम के पुराने 60 वार्डों में ही करीब 1.25 लाख मकान दर्ज हैं। वहीं, रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारों और नालों के आसपास लगभग 50 हजार मकान बने हैं, जिनमें डेढ़ लाख से अधिक लोग रहते हैं।
कुछ वार्डों की जनसंख्या बीते 14 वर्षों में दो से तीन गुना तक बढ़ी है। उदाहरण के लिए, बंजारावाला वार्ड की आबादी 2011 में करीब 12 हजार थी, जो अब 24 हजार के आसपास पहुंच गई है। इसी तरह किशननगर, नेहरूग्राम, हर्रावाला और रायपुर वार्डों में भी जनसंख्या में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कर्मचारियों की तैनाती जल्द
जनगणना से पहले निगम प्रशासन कर्मचारियों की सूची तैयार कर रहा है। चयनित कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर विभिन्न ब्लॉकों में तैनात किया जाएगा ताकि फील्ड कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सके।
यह जनगणना देहरादून की वास्तविक आबादी, भवनों की स्थिति और विस्तारशील शहरी ढांचे की पूरी तस्वीर पेश करेगी।
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