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Dehradun खुद को सचिव बताकर उड़ाए सर्किल रेट के लाखों, मीटिंग में दी खुली चुनौती — “प्लॉट मैंने ही बेचे, जो करना है कर लो”

On: November 16, 2025 6:08 AM
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बीमा विहार कॉलोनी में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को एलआईसी कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी का सचिव बताकर लाखों रुपये की हेराफेरी कर डाली। आरोप है कि उसने प्लॉट बेचने के नाम पर सर्किल रेट की रकम सोसाइटी के खाते में जमा की, लेकिन बची हुई भारी राशि खुद रख ली।
इस मामले में राजपुर थाना पुलिस ने आरोपी पूर्णचंद कांडपाल, निवासी बीमा विहार धोरणखास, के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत बीमा विहार एसोसिएशन के सदस्य प्रेम सिंह की ओर से की गई है।
मैनेजमेंट कमेटी का कार्यकाल हो चुका था खत्म
प्रेम सिंह के मुताबिक, यह कॉलोनी एलआईसी वर्कर्स कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के तहत वर्ष 1994 में बसाई गई थी। उस समय कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद पंत और सचिव पूर्णचंद कांडपाल थे। लेकिन मैनेजमेंट कमेटी का कार्यकाल अक्टूबर 2023 में समाप्त हो गया था। इसके बाद न तो एजीएम हुई और न ही नई कमेटी का गठन — यानी पुरानी कमेटी को किसी भी तरह के काम का अधिकार नहीं था।
आरोप — पद का झूठा दावा कर बेचे प्लॉट
आरोप है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पूर्णचंद खुद को सचिव बताकर सक्रिय रहा और इसी दौरान उसने सोसाइटी के प्लॉट बेच दिए। सर्किल रेट की राशि सोसाइटी खाते में जमा की गई, लेकिन बाकी रकम वह अपने पास रखता रहा। जब यह बात निवासियों के संज्ञान में आई तो कॉलोनी में भारी नाराजगी फैल गई।
मीटिंग में आरोपी की चुनौतीपूर्ण बयानबाजी
धोखाधड़ी का शक गहराने पर 26 अक्टूबर 2025 को कॉलोनी निवासियों ने एक बैठक बुलाई, जिसमें पूर्णचंद को भी उपस्थित होने के लिए कहा गया। मीटिंग में उसने सभी के सामने स्वीकार किया कि प्लॉट उसी ने बेचे हैं। इतना ही नहीं, उसने खुलेआम कहा—
“प्लॉट मैंने ही बेचे हैं, जिसे जो करना है कर ले।”
उसकी यह चुनौतीपूर्ण बयानबाजी सुनकर कॉलोनी में आक्रोश और बढ़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोसाइटी के सदस्यों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अब जांच शुरू कर दी गई है।

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