देहरादून पुलिस ने धर्मांतरण के एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए चर्चित छांगुर गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों को बी-वारंट पर आगरा जेल से दून लाकर गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी एक छात्रा का ब्रेनवॉश कर उसका धर्म परिवर्तन कराने और अन्य युवतियों को भी मतांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोपों में फंसे हैं। पुलिस ने इन्हें देहरादून कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि जुलाई माह में यह गिरोह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में युवाओं का धर्म परिवर्तन कराने के प्रयासों को लेकर सुर्खियों में आया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि इन आरोपियों ने प्रेमनगर क्षेत्र के एक शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाली छात्रा को अपने जाल में फंसाया था। आरोपियों ने छात्रा का ब्रेनवॉश कर उसका धर्म परिवर्तन कराया और फिर उसके जरिए रानीपोखरी निवासी एक अन्य युवती सहित कई लोगों को मतांतरण के लिए तैयार करने की कोशिश की।
मामला उस समय उजागर हुआ जब बरेली निवासी एक व्यक्ति ने प्रेमनगर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी बहन की संलिप्तता छांगुर गैंग से रही है, जिन पर मतांतरण कराने के आरोप हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता की मुलाकात बरेली में उरूज शाहिद नाम की एक युवती से हुई थी, जिसने उसे इस्लाम के बारे में प्रभावित करने वाली बातें बताईं। इसके बाद उसकी पहचान साफिया नामक महिला से कराई गई, जो जूम ऐप के ज़रिए युवाओं को मुस्लिम धर्म अपनाने की ऑनलाइन क्लास देती थी।
उसी दौरान छात्रा की मुलाकात आशिया उर्फ कृष्णा से हुई, जो युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने का कार्य करती थी। उसने छात्रा को अपनी बातों में फंसाकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। धीरे-धीरे छात्रा का संपर्क जासिम, अब्दुल्ला और अब्दुल रहमान जैसे आरोपियों से हुआ। अब्दुल रहमान ने उसे दिल्ली बुलाकर उसका ब्रेनवॉश किया, उसे विभिन्न प्रलोभन दिए और यहां तक कि उसके आधार कार्ड में नाम भी मुस्लिम नाम से बदलवा दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा को हिंदू युवकों और युवतियों को धर्म परिवर्तन कराने के लिए प्रेरित किया जाता था। इसके एवज में उसके खाते में रुपये भी भेजे जाते थे। आरोपी अबुबर्र रहमान ने छात्रा के ज़रिए रानीपोखरी निवासी एक युवती का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की थी। इसके अलावा छात्रा की बातचीत दुबई निवासी तहसीन सहित कई अन्य लोगों से भी हुई, जिन्होंने आर्थिक मदद दी थी।
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान कई और नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों की भी जांच कर रही है।
पुलिस द्वारा बी-वारंट पर दून लाए गए आरोपी:
अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह उर्फ प्रेमपाल सिंह, निवासी मकान नं. 126, गली नं. 6, भगत विहार, करावल नगर, दिल्ली
एसवी कृष्णा उर्फ आयशा माहेनूर, निवासी एफ-3, फर्स्ट फ्लोर, एलडीडिया डे गोवा, थाना ओल्ड गोवा
अबुबर्र रहमान उर्फ रुपेन्द्र सिंह, निवासी मोहल्ला हुकुमतपुर, शंकरपुर, थाना सहसपुर, देहरादून
अब्दुल रहीम, निवासी मकान नं. 126, गली नं. 6, भगत विहार, करावल नगर, दिल्ली
अब्दुल्ला पुत्र अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह, निवासी मकान नं. 126, गली नं. 6, भगत विहार, करावल नगर, दिल्ली
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह ने संगठित तरीके से सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से युवाओं को निशाना बनाया और धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से प्रभावित किया। मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी पुलिस जल्द सार्वजनिक करेगी।





