देहरादून। राजधानी में एक महिला के साथ चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें उसके ही पति ने विश्वासघात करते हुए उसकी जानकारी के बिना उसके नाम पर स्थित मकान को बैंक में गिरवी रखकर 20.70 लाख रुपये का लोन ले लिया। इस धोखाधड़ी में पति की महिला मित्र की भी संलिप्तता पाई गई है। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक से महिला को लोन की किश्त न जमा होने पर नोटिस मिला।
पीड़िता सलमा अंजुम, निवासी इस्लाम नगर, टोली मंगलौर, थाना मंगलौर, ने क्लेमेनटाउन थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उसकी शादी रईस अहमद निवासी शकुंतला विहार, क्लेमेनटाउन से हुई थी। वर्ष 2019 में उसके पिता नसीम अहमद ने टर्नर रोड स्थित एक मकान उसकी बेटी सलमा अंजुम के नाम पर खरीदा था। उस वक्त गवाह के रूप में उसका भाई सादिक और पति रईस अहमद भी मौजूद थे। यह मकान लंबे समय तक सलमा के नाम पर ही रहा और बाद में 16 अक्टूबर 2023 को महिला खुशनुदा को बेच दिया गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से पति रईस अहमद के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह मायके में रह रही थी। इसी दौरान उसका बैग जिसमें आधार कार्ड और मकान संबंधी दस्तावेज थे, सितंबर में क्लेमेनटाउन क्षेत्र में कहीं गिर गया। इसका फायदा उठाकर आरोपी पति ने महिला खुशनुदा को सलमा के स्थान पर प्रस्तुत किया और फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए जून 2023 में बैंक से 20.70 लाख रुपये का लोन पास करवा लिया।
इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब 10 फरवरी 2025 को बैंक से सलमा अंजुम के नाम नोटिस आया जिसमें लोन की किश्त जमा करने की चेतावनी दी गई थी। बैंक से मिली जानकारी के बाद जब महिला ने खुद छानबीन की तो सारा फर्जीवाड़ा सामने आया। महिला का आरोप है कि उसका पति लंबे समय से उस पर मकान बेचकर रुपये देने का दबाव बना रहा था।
क्लेमेनटाउन थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर रईस अहमद निवासी क्लेमेनटाउन और खुशनुदा निवासी मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
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