देहरादून।
सोमवार को देहरादून कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सविन बंसल की जनसुनवाई एक मिसाल बन गई। आमतौर पर फरियादों और सरकारी जवाबों तक सीमित रहने वाली जनसुनवाई में इस बार ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने न सिर्फ मौजूद लोगों को भावुक कर दिया, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता की नई परिभाषा भी गढ़ी।
इंजीनियर युवती की व्यथा सुन भावुक हुए डीएम, प्रतिष्ठित संस्थान में दिलाई नौकरी
चेहरे पर चिंता की लकीरें और आंखों में उम्मीद की झलक लिए एक युवती अपनी फरियाद लेकर डीएम के सामने पहुंची। खुद को ‘विदुषी’ बताते हुए उसने बताया कि वह इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है, लेकिन मां कैंसर से जूझ रही हैं और पिता काफी समय से लापता हैं। घर की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि गुजारा भी मुश्किल हो गया है। यह सुनकर जिलाधिकारी सविन बंसल अंदर तक झकझोर उठे।
उन्होंने बाकी सभी अर्जियों को एक तरफ कर, तुरंत फोन उठाए और संबंधित संस्थानों से संपर्क करना शुरू किया। आधे घंटे के भीतर ही विदुषी को उसकी योग्यता के अनुरूप एक प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी दिलाने की व्यवस्था कर दी गई।
दिव्यांग महिलाओं को भी मिला सहारा
विदुषी की मदद से शुरू हुआ राहत का सिलसिला यहीं नहीं थमा। ऋषिकेश की दिव्यांग काजल कश्यप और छबील बाग की बबीता भी रोजगार की तलाश में पहुंचीं थीं। डीएम ने उनकी परिस्थितियों को समझते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि उन्हें ‘आसरा ट्रस्ट’ के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार से जोड़ा जाए।
शिक्षा के लिए सहायता और फीस माफी के निर्देश
नेहरू कॉलोनी की जाहिदा बानो को बेटियों की पढ़ाई हेतु आर्थिक सहायता दी गई।
डालनवाला निवासी सोनिया गुप्ता को ‘नंदा-सुनंदा’ योजना के तहत मदद के लिए आवेदन करने का सुझाव दिया गया।
विधवा पूनम ठाकुर को रायफल फंड से आर्थिक मदद दिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
कारबारी निवासी कमलेश पुरोहित की बेटी की स्कूल फीस माफ कराने की पहल की गई।
स्वरोजगार की राह भी हुई आसान
नालापानी निवासी कौशर को स्वरोजगार के लिए जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षण देकर रोज़गार से जोड़ने के निर्देश डीएम ने स्वयं जारी किए।
जनसुनवाई में दिखी सख्ती, लापरवाही पर एक्शन
जनसुनवाई सिर्फ राहत देने तक सीमित नहीं रही। जब डांडीपुर मोहल्ला मन्नूगंज के लोगों ने नाले के अधूरे निर्माण और खुदाई से हो रही परेशानी की शिकायत की, तो डीएम ने तत्काल मौके की स्थिति पूछी। पाया गया कि साइट पर केवल दो श्रमिक कार्यरत थे। जवाब संतोषजनक न मिलने और अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के आदेश दे दिए।
भूमि विवाद और अतिक्रमण के मामलों में भी सख्ती
चंदर रोड निवासी बीना शर्मा की पांच बीघा पुश्तैनी ज़मीन पर नगर निगम द्वारा किए गए अतिक्रमण और भवन तोड़ने की शिकायत पर डीएम ने तीन दिन में समाधान का अल्टीमेटम दिया।
जोहड़ी गांव के एक पूर्व सैनिक की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर उपजिलाधिकारी सदर को एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
शास्त्रीनगर में भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जे के मामले में तहसीलदार और एसडीएम से संयुक्त रिपोर्ट तलब की गई।
कुलावा में भारी वाहनों की आवाजाही से सिंचाई व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की शिकायत पर संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
प्रशासनिक टीम भी रही सक्रिय
जनसुनवाई के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा और उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में शामिल रहे।








