उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में शुक्रवार से नेशनल विंटर गेम्स का आगाज़ होने जा रहा है। गुरुवार को खिलाड़ियों के औली पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा और इसी के साथ उनका पंजीकरण भी प्रारंभ कर दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुक्रवार, 13 फरवरी की सुबह 8 बजे तक चलेगी। इसके बाद सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी औपचारिक रूप से नेशनल विंटर गेम्स का उद्घाटन करेंगे।
चार साल बाद बर्फबारी से लौटी रौनक
पिछले चार वर्षों से औली में पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण नेशनल विंटर गेम्स का आयोजन प्रभावित हो रहा था। हालांकि इस बार अच्छी बर्फबारी ने खिलाड़ियों और आयोजकों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। बर्फ से ढकी वादियों के बीच आयोजित होने जा रहे इन खेलों को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
देशभर से खिलाड़ी औली पहुंच रहे हैं और खेल गांव में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
17 टीमें लेंगी भाग
उत्तराखंड विंटर गेम्स एसोसिएशन के सचिव अजय भट्ट के अनुसार, नेशनल विंटर गेम्स की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश के विभिन्न राज्यों से कुल 17 टीमें प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित की गई हैं। इनमें से 10 से अधिक टीमें गुरुवार शाम तक औली पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष टीमें भी आज पहुंच जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक दिन आयोजित होने वाले खेलों का अंतिम निर्णय एक दिन पहले टेक्निकल कमेटी की बैठक में लिया जाता है।
16 फरवरी तक चलेंगे रोमांचक मुकाबले
नेशनल विंटर गेम्स का समापन 16 फरवरी को होगा। 13 फरवरी को उद्घाटन समारोह से पहले सुबह संयुक्त स्लालम रेस आयोजित की जाएगी, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय टेक्निकल कमेटी की बैठक में होगा।
इन खेलों में एल्पाइन स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग, स्नो माउंटेनियरिंग, स्नो शू रेस और औली मैराथन जैसे प्रमुख इवेंट शामिल हैं। इसके अलावा कई आकर्षक गतिविधियां कार्निवल के रूप में भी आयोजित की जाएंगी। स्थानीय लोगों के मनोरंजन के लिए विशेष स्नो रेस और अन्य कार्यक्रम भी रखे गए हैं, जिससे पर्यटक और दर्शक भी इस आयोजन का आनंद उठा सकें।
खिलाड़ियों में खास उत्साह
चार साल के लंबे इंतजार के बाद आयोजित हो रहे इन खेलों को लेकर खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह है। जम्मू-कश्मीर से आए स्की खिलाड़ियों ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2022 में यहां नेशनल गेम्स आयोजित हुए थे। अब दोबारा औली की बर्फीली ढलानों पर खेलने का अवसर मिलना उनके लिए बेहद खास है।
औली समुद्र तल से लगभग 8,200 फीट (2,500 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है और इसे भारत की स्कीइंग राजधानी भी कहा जाता है।
औली कैसे पहुंचें?
औली तक पहुंचने के लिए दो प्रमुख मार्ग उपलब्ध हैं।
गढ़वाल मंडल मार्ग:
जौलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से बस, टैक्सी या निजी वाहन द्वारा जोशीमठ पहुंचा जा सकता है।
कुमाऊं मंडल मार्ग:
पंतनगर एयरपोर्ट, हल्द्वानी, काठगोदाम या रामनगर से सड़क मार्ग के जरिए जोशीमठ पहुंचा जा सकता है।
जोशीमठ से औली की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है। यहां तक सड़क मार्ग के अलावा एशिया के सबसे लंबे रोपवे में से एक के माध्यम से भी पहुंचा जा सकता है, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।
बर्फ से ढकी औली की वादियों में आयोजित होने जा रहे नेशनल विंटर गेम्स इस बार रोमांच, खेल भावना और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं।
देहरादून: औली में कल से शुरू होंगे नेशनल विंटर गेम्स, सीएम धामी करेंगे उद्घाटन
On: February 12, 2026 6:57 AM







