Dehradun Mussoorie road landslide की घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड में जारी मानसूनी बारिश के बीच देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) के काम के दौरान अचानक एक बड़ा हादसा हो गया। पहाड़ की कटाई के वक्त ऊपरी हिस्से से भरभराकर भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इस अचानक हुई घटना से सड़क के दोनों ओर गाड़ियों के पहिए थम गए और देखते ही देखते लगभग 10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
Dehradun Mussoorie Road Landslide: पानी वाले बैंड से कोठालगेट तक थमे वाहनों के पहिए
हादसा उस वक्त हुआ जब कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क को चौड़ा करने के लिए पहाड़ियों की कटाई की जा रही थी। बारिश के कारण पहले से ही संवेदनशील हो चुकी चट्टानें अचानक धंस गईं और मलबा सीधे मुख्य हाईवे पर आ जमा। इस Dehradun Mussoorie road landslide के कारण पानी वाले बैंड से लेकर कोठालगेट तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
मुख्य बिंदु:
- सड़क चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ की कटाई से हुआ हादसा।
- लगभग 10 किलोमीटर लंबा लगा भारी ट्रैफिक जाम।
- पानी वाले बैंड से कोठालगेट तक फंसे हजारों वाहन।
- प्रशासन द्वारा जेसीबी और बुलडोजर से मलबा हटाने का काम जारी।
प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से तुरंत प्रभाव से दोनों ओर से यातायात रोक दिया। दोपहिया वाहनों से लेकर चार पहिया गाड़ियों और टूरिस्ट बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। वीकेंड और छुट्टियों के चलते मसूरी की ओर रुख कर रहे सैकड़ों पर्यटकों को घंटों सड़क पर ही बिताने पड़े।
Dehradun Mussoorie Road Landslide: घंटों फंसे रहे पर्यटक, झेली भारी परेशानी
जाम में फंसे पर्यटकों और यात्रियों को अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी, पानी की कमी और ट्रैफिक में फंसे होने की वजह से छोटे बच्चों व बुजुर्गों को खासी दिक्कतों से गुजरना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के इटावा से परिवार के साथ घूमने आए पर्यटक संदीप ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा:
”हम काफी उम्मीदों के साथ मसूरी घूमने निकले थे, लेकिन पिछले एक घंटे से भी ज्यादा समय से हम इसी जाम में फंसे हैं। यहां की व्यवस्था में काफी सुधार की जरूरत है। सरकार को निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और वैकल्पिक रास्तों का पुख्ता इंतजाम करना चाहिए।”
वहीं इटावा के ही एक अन्य पर्यटक आयुष छाबड़ा ने इस Dehradun Mussoorie road landslide की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने साथी पर्यटकों के लिए एक संदेश भी साझा किया।
पर्यटकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी: ‘फिलहाल पहाड़ों का रुख करने से बचें’
पर्यटक आयुष छाबड़ा ने बताया कि लैंडस्लाइड के कारण स्थितियां काफी बिगड़ चुकी हैं। उन्होंने उत्तराखंड आने की योजना बना रहे अन्य पर्यटकों को सलाह देते हुए कहा:
”पहाड़ों पर अभी अप्रत्याशित घटनाएं घट रही हैं। जान-माल की सुरक्षा सबसे पहले है। इसलिए मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि जब तक मौसम और रास्ते सामान्य नहीं हो जाते, तब तक यहां आने से बचें। सरकार को भी इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करना चाहिए ताकि इस तरह से लोगों की आवाजाही ठप न हो।”
हालांकि, सभी की राय एक जैसी नहीं थी। देहरादून के स्थानीय निवासी गुरमीत सिंह ने इसे प्राकृतिक स्थिति बताया। उनका मानना था कि मानसून के दौरान पहाड़ों में इस तरह की घटनाएं प्राकृतिक होती हैं और निर्माण कार्य के समय मिट्टी ढीली होना आम बात है, हालांकि प्रशासन को मलबा हटाने में तेजी दिखानी चाहिए।
Dehradun Mussoorie Road Landslide: प्रशासन का मलबा हटाने का अभियान तेज
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मौके पर पहुंचीं। Dehradun Mussoorie road landslide के बाद फैले मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनें और जेसीबी तैनात की गईं।
| स्थिति की जानकारी | विवरण |
|---|---|
| घटना का स्थान | मसूरी-देहरादून मार्ग (पानी वाले बैंड से कोठालगेट) |
| कारण | मानसून की बारिश और सड़क चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ की कटाई |
| प्रभाव | 10 किमी लंबा ट्रैफिक जाम |
| वर्तमान स्थिति | मलबा हटाने का काम जारी, सुरक्षा बल तैनात |
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ियों से रह-रहकर छोटे-छोटे पत्थर गिर रहे हैं, जिससे मलबा हटाने के कार्य में थोड़ी सावधानी बरतनी पड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि रास्ता पूरी तरह साफ होने और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही यातायात को सामान्य रूप से बहाल किया जाएगा।मौसम विभाग ने भी उत्तराखंड के कई जिलों में आगामी दिनों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में मसूरी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे निकलने से पहले रूट और मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।







