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Dehradun में फैली आंखों की खतरनाक बीमारी जा सकती है आँखों की रोशनी अगर ध्यान नही दिया..तो पढे पूरा मामला

On: August 22, 2025 11:18 AM
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देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में हरपीज जास्टर ऑप्थैल्मिकस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह संक्रमण शिंगल्स का गंभीर रूप है और आंख की नसों पर हमला करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर इलाज न किया जाए तो रोगी की रोशनी भी प्रभावित हो सकती है।

नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुशील ओझा के अनुसार, यह बीमारी पहले माथे, पलकों और नाक के ऊपरी हिस्से पर दर्दनाक फफोले बनाकर दिखती है। बाद में संक्रमण आंख तक पहुंचकर लालिमा, सूजन, घाव और धुंधलापन पैदा कर सकता है। खासकर नाक की नोक पर दाने निकलना कार्निया में संक्रमण का संकेत होता है।

लक्षण

माथे और पलकों पर फफोले और तेज दर्द

आंखों में जलन, लालिमा और धुंधलापन

कार्निया में सूजन या घाव

गंभीर मामलों में दृष्टि हानि

बचाव के उपाय

डॉ. ओझा ने कहा कि संक्रमण की शुरुआती अवस्था में एंटीवायरल दवाएं शुरू कर देना फायदेमंद होता है। उन्होंने लोगों से कहा कि मानसून में व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें, आंखों को बार-बार न छुएं और तौलिया या रूमाल साझा न करें। साथ ही शिंगल्स का टीका लगवाकर इस बीमारी से बचाव संभव है।

आंख के संक्रमण को हल्के में न लें

वर्षा के मौसम में आंख का संक्रमण आम समस्या बन जाता है। कंजेक्टिवाइटिस, आई स्टाई, ड्राई आइज, कार्नियल अल्सर और अन्य नेत्र रोग इस दौरान ज्यादा होते हैं।

डॉ. ओझा ने बताया कि हाथ साफ करने के बाद ही आंख छूना चाहिए और जरूरत पड़ने पर लुब्रिकेंट ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें। यह छोटे कदम आंखों को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।

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