देहरादून: रंगों का त्योहार होली पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन इस उल्लास के बीच किसी भी अप्रिय घटना या स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल से निपटने के लिए राजधानी देहरादून का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। शासन के निर्देशानुसार, शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों—राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल (कोरोनेशन)—को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।
होली के दौरान होने वाले सड़क हादसों, झगड़ों, आंखों में रंग जाने, त्वचा की एलर्जी और नशे के कारण बिगड़ने वाली स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। अस्पतालों में न केवल बेड आरक्षित किए गए हैं, बल्कि डॉक्टरों की विशेष तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
दून मेडिकल कॉलेज: विशेषज्ञ डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को चाक-चौबंद करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट ने स्वयं कमान संभाली है। मंगलवार को उन्होंने इमरजेंसी वार्ड का विस्तृत निरीक्षण किया और नर्सिंग स्टाफ व वार्ड बॉयज को पूरी मुस्तैदी के साथ ‘एक्टिव मोड’ में रहने के निर्देश दिए।
विशेषज्ञों की उपलब्धता:
अस्पताल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि होली के दिन और रात के समय निम्नलिखित विभागों के डॉक्टर ‘ऑन कॉल’ और ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे:
- नेत्र रोग (Ophthalmology): रंगों के कारण होने वाली आंखों की जलन और चोट के लिए।
- त्वचा रोग (Dermatology): केमिकल युक्त रंगों से होने वाली एलर्जी और रिएक्शन के लिए।
- ईएनटी और सर्जरी: किसी भी दुर्घटना या गंभीर चोट की स्थिति में तत्काल ऑपरेशन के लिए।
- हड्डी रोग (Orthopedics): सड़क हादसों में होने वाले फ्रैक्चर से निपटने के लिए।
डॉ. बिष्ट ने बताया कि रात के समय इमरजेंसी प्रभारी डॉ. एनएस बिष्ट राउंड पर रहेंगे, जबकि सुबह की पाली में डॉ. विनम्र मित्तल के साथ वे स्वयं स्थिति की निगरानी करेंगे। अस्पताल की फार्मेसी में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया गया है ताकि मरीजों को बाहर न भटकना पड़े।
जिला अस्पताल (कोरोनेशन): 13 डॉक्टरों की टीम तैनात
गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पताल (जिला अस्पताल) में भी होली के हुड़दंग को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनु जैन के अनुसार, अस्पताल में 13 डॉक्टरों का एक विशेष पैनल तैनात किया गया है जो रोटेशन के आधार पर 24 घंटे सेवाएं देगा।
तैनाती का विवरण: - फिजिशियन और सर्जन: 2-2 विशेषज्ञ।
- स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologists): 2 डॉक्टर।
- अन्य: नेत्र, त्वचा और इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO)।
डॉ. मनु जैन ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाओं के लिए अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं दोपहर 12 बजे के बाद अस्पताल में मौजूद रहकर सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: सावधानी ही बचाव है
अस्पताल प्रबंधन ने जनता से अपील की है कि होली खेलते समय कुछ बुनियादी सावधानियां बरतें: - केमिकल मुक्त रंग: केवल प्राकृतिक या हर्बल रंगों का उपयोग करें।
- ड्रिंक एंड ड्राइव से बचें: अधिकांश सड़क हादसे नशे में वाहन चलाने के कारण होते हैं।
- आंखों का बचाव: यदि आंखों में रंग चला जाए, तो उसे रगड़ने के बजाय ठंडे पानी से साफ करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें।
- त्वचा की सुरक्षा: रंग खेलने से पहले त्वचा और बालों पर तेल या मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं।
निष्कर्ष
देहरादून के अस्पतालों की यह तैयारी दर्शाती है कि प्रशासन त्योहार की खुशियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। दून अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल की 24 घंटे सक्रिय रहने वाली ये सेवाएं किसी भी अनहोनी की स्थिति में जीवन रक्षक साबित होंगी। यदि आपको या आपके आसपास किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है, तो बिना देरी किए सरकारी अस्पताल की आपातकालीन सेवा से संपर्क करें।
यह भी पढ़ें- श्रावस्ती: 14 दिनों से लापता महिला किसान नेता का जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव, नेपाल सीमा पर सनसनी











