देहरादून। स्वतंत्रता दिवस, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और रविवार की छुट्टियों के मेल ने पहाड़ों की रानी मसूरी को एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार कर दिया है। सुहावने मौसम और बादलों से घिरे नज़ारों का आनंद लेने के लिए गुरुवार शाम से ही पर्यटकों का रुख मसूरी की ओर बढ़ गया था। तीन दिन की लंबी छुट्टियों का फायदा उठाकर एनसीआर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और यूपी से बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंचे हैं।
होटल और गेस्ट हाउस लगभग फुल
पर्यटन कारोबारियों के लिए यह वीकेंड बेहद खास साबित हो रहा है। मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि शहर के करीब 350 होटल और गेस्ट हाउस, जिनमें लगभग 25 हजार पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था है, 95 से 100 प्रतिशत तक बुक हो चुके हैं। धनोल्टी, कैम्पटी, काणाताल और बुरांशखंडा जैसे आसपास के इलाकों के 50 से अधिक होटल-गेस्ट हाउसों में भी पूरी बुकिंग है। जीएमवीएन के गेस्ट हाउसों में 90 प्रतिशत कमरे पहले ही आरक्षित हो चुके हैं।
किंक्रेग से कैम्पटी रोड तक जाम
गुरुवार शाम को किंक्रेग क्षेत्र में यातायात जाम की स्थिति बनी रही, जबकि कैम्पटी रोड और धनोल्टी रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। जाम और भीड़ को देखते हुए एसएसपी अजय सिंह ने राजपुर और मसूरी थाना पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
पर्यटक स्थलों पर रौनक
माल रोड, कंपनी गार्डन, कैम्पटी फॉल, गन हिल, भट्टा फॉल, मसूरी झील, लालटिब्बा-चार दुकान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर गुरुवार शाम से ही रौनक लौट आई है। भीड़ के कारण पर्यटकों को कई जगहों पर रुक-रुक कर सफर तय करना पड़ा, लेकिन पहाड़ों की खूबसूरती और मौसम का आनंद लेने का जोश कम नहीं हुआ। चकराता और आसपास के क्षेत्रों में भी पर्यटकों की अच्छी-खासी आमद है।
एनसीआर और पंजाब से सर्वाधिक पर्यटक
इस बार सबसे ज्यादा बुकिंग एनसीआर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई शहरों से हुई है। अधिकतर सैलानियों ने पहले से ही एडवांस बुकिंग करा ली थी, जिससे वीकेंड के दौरान होटलों में जगह मिलना लगभग असंभव हो गया है।
बारिश और आपदा को देखते हुए सावधानी जरूरी
प्रदेश में हाल ही में बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, भू-स्खलन और रास्तों के बंद होने जैसी स्थितियां बनी हैं। पहाड़ी रास्तों पर दरारें और मलबा गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लें, संबंधित होटल और जिला प्रशासन से संपर्क कर ही सफर पर निकलें, ताकि किसी परेशानी से बचा जा सके।
ये वीकेंड मसूरी और आसपास के इलाकों के पर्यटन कारोबारियों के लिए तो फायदेमंद साबित हो रहा है, लेकिन भारी भीड़ और ट्रैफिक दबाव के कारण स्थानीय प्रशासन के सामने यातायात प्रबंधन की चुनौती भी उतनी ही बड़ी है।
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