देहरादून में नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर सोमवार को बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों का जोरदार प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोक दिया। सालावाला बैरिकेडिंग के पास स्थिति तनावपूर्ण हो गई और धक्का-मुक्की के बीच एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा हरिद्वार की नर्सिंग छात्रा सपना चौधरी को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया। इसी दौरान दोनों के बीच तीखी हाथापाई हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रदर्शनकारी दिलाराम चौक से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे थे। नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार पिछले कई महीनों से उनकी समस्याओं और मांगों को नज़रअंदाज़ कर रही है, जिसके कारण बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों में गहरी नाराजगी है।
पुलिस ने जैसे ही प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, माहौल बिगड़ गया। इसी दौरान सपना चौधरी और महिला पुलिसकर्मी के बीच भिड़ंत हो गई। बाद में पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर एकता विहार स्थित धरनास्थल पहुंचाया। हाथापाई में घायल हुई सपना को मेडिकल जांच के लिए दून अस्पताल भेजा गया।
नर्सिंग एकता मंच के मीडिया प्रभारी प्रवेश रावत ने आरोप लगाया कि इससे पहले 5 नवंबर को परेड ग्राउंड में हुए धरने में भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी की थी और उन्हें जबरन गाड़ियों में भरकर ले जाया गया था। मंच का कहना है कि इस बार की घटना की शिकायत जल्द ही उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
• वर्तमान नर्सिंग भर्ती विज्ञप्ति को तत्काल रद्द किया जाए।
• भर्ती प्रक्रिया को पहले की तरह वर्षवार किया जाए।
• IPHS मानकों के आधार पर कम से कम 2500 नई नियुक्तियों का विज्ञापन जारी हो।
• उत्तराखंड मूल निवासियों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाए।
• आयु सीमा पार कर चुके योग्य उम्मीदवारों को विशेष आयु-छूट मिले।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थी कई दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
इस पूरे प्रकरण के दौरान मंच के संरक्षक विकास पुंडीर, उपाध्यक्ष सरिता जोशी, सचिव राजेंद्र कुकरेती सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।