देहरादून (नेहरू कॉलोनी): राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सड़क पर खड़ी स्कूटी हटाने की बात कहना एक परिवार को भारी पड़ गया। मामूली कहासुनी ने इतना तूल पकड़ा कि हमलावरों ने घर में घुसकर न केवल जमकर तोड़फोड़ की, बल्कि एक व्यक्ति का पैर भी तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में नामजद सहित 20 अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना 14 फरवरी की रात की है। नेहरू कॉलोनी के गणेश विहार निवासी अमित चौहान के घर के मुख्य द्वार के सामने शीतला विहार निवासी समीर नामक युवक ने अपनी स्कूटी खड़ी की थी। स्कूटी इस तरह खड़ी थी कि आने-जाने का मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था।
अमित चौहान के भाई रविंद्र रावत ने जब समीर से स्कूटी हटाने का अनुरोध किया, तो बजाय गलती मानने के, समीर आगबबूला हो गया। आरोप है कि उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और देख लेने की धमकी देते हुए वहां से चला गया।
20 से अधिक हमलावरों ने किया ‘घर में घुसकर’ तांडव
पीड़ित अमित चौहान ने बताया कि कहासुनी के कुछ ही देर बाद समीर अपने भाई साहिल, शिवम, वंशु कटारिया, दीपक निषाद और उसके बड़े भाई के साथ करीब 20 अज्ञात हमलावरों को लेकर उनके घर पर धमक पड़ा। इन हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार थे।
आरोपियों ने घर में घुसते ही तांडव मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने घर के सामान में तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस हमले में अमित चौहान, उनके भाई रविंदर रावत और घर आए मेहमान आशीष कंडवाल को बुरी तरह पीटा गया। दबंगों ने इस कदर बेरहमी दिखाई कि अमित चौहान का पैर तोड़ दिया।
80 वर्षीय बुजुर्ग पिता की गुहार भी रही बेअसर
घटना के दौरान अमित चौहान के 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता भी वहां मौजूद थे। आंखों के सामने बेटों को पिटता देख वह हमलावरों के आगे गिड़गिड़ाते रहे और उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों पर खून सवार था। बुजुर्ग की लाचारी का भी उन पर कोई असर नहीं हुआ। पूरी घटना के बाद से बुजुर्ग पिता और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी समीर, साहिल, शिवम, वंशु कटारिया, दीपक निषाद और उसके भाई समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
शांतिप्रिय माने जाने वाले देहरादून के रिहायशी इलाकों में इस तरह की हिंसक घटनाएं चिंता का विषय हैं। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर मामूली बातों पर इस तरह घर में घुसकर हमले होने लगे, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा?देहरादून (नेहरू कॉलोनी): राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सड़क पर खड़ी स्कूटी हटाने की बात कहना एक परिवार को भारी पड़ गया। मामूली कहासुनी ने इतना तूल पकड़ा कि हमलावरों ने घर में घुसकर न केवल जमकर तोड़फोड़ की, बल्कि एक व्यक्ति का पैर भी तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में नामजद सहित 20 अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना 14 फरवरी की रात की है। नेहरू कॉलोनी के गणेश विहार निवासी अमित चौहान के घर के मुख्य द्वार के सामने शीतला विहार निवासी समीर नामक युवक ने अपनी स्कूटी खड़ी की थी। स्कूटी इस तरह खड़ी थी कि आने-जाने का मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था।
अमित चौहान के भाई रविंद्र रावत ने जब समीर से स्कूटी हटाने का अनुरोध किया, तो बजाय गलती मानने के, समीर आगबबूला हो गया। आरोप है कि उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और देख लेने की धमकी देते हुए वहां से चला गया।
20 से अधिक हमलावरों ने किया ‘घर में घुसकर’ तांडव
पीड़ित अमित चौहान ने बताया कि कहासुनी के कुछ ही देर बाद समीर अपने भाई साहिल, शिवम, वंशु कटारिया, दीपक निषाद और उसके बड़े भाई के साथ करीब 20 अज्ञात हमलावरों को लेकर उनके घर पर धमक पड़ा। इन हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार थे।
आरोपियों ने घर में घुसते ही तांडव मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने घर के सामान में तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस हमले में अमित चौहान, उनके भाई रविंदर रावत और घर आए मेहमान आशीष कंडवाल को बुरी तरह पीटा गया। दबंगों ने इस कदर बेरहमी दिखाई कि अमित चौहान का पैर तोड़ दिया।
80 वर्षीय बुजुर्ग पिता की गुहार भी रही बेअसर
घटना के दौरान अमित चौहान के 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता भी वहां मौजूद थे। आंखों के सामने बेटों को पिटता देख वह हमलावरों के आगे गिड़गिड़ाते रहे और उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों पर खून सवार था। बुजुर्ग की लाचारी का भी उन पर कोई असर नहीं हुआ। पूरी घटना के बाद से बुजुर्ग पिता और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी समीर, साहिल, शिवम, वंशु कटारिया, दीपक निषाद और उसके भाई समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
“पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। शहर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” – थानाध्यक्ष, नेहरू कॉलोनी
“पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। शहर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” – थानाध्यक्ष, नेहरू कॉलोनी
कानून-व्यवस्था पर सवाल
शांतिप्रिय माने जाने वाले देहरादून के रिहायशी इलाकों में इस तरह की हिंसक घटनाएं चिंता का विषय हैं। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर मामूली बातों पर इस तरह घर में घुसकर हमले होने लगे, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा?





