देहरादून के दीप नगर क्षेत्र में धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यहां तीन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने फ्री दवाइयों, मकान बनाने और आर्थिक सहायता का लालच देकर हिंदू समुदाय के लोगों को धर्म बदलने के लिए दबाव डाला। इस घटना का खुलासा होने पर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया। विरोध प्रदर्शन के बाद नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब आर्य वीर दल को सूचना मिली कि दीप नगर के एक घर में मतांतरण कराने की कोशिश की जा रही है। संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, संगठन मंत्री नरोत्तम चौहान और अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। यहां पर उन्हें जानकारी मिली कि राजेंद्र सिंह नाम के एक दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को पड़ोस में रहने वाली महिला सुदेश, यूपी निवासी पास्टर विजय और खुशी नाम की महिला कई दिनों से धर्मांतरण के लिए मजबूर कर रहे थे। आरोप है कि ये लोग आर्थिक मदद और सुविधा का लालच देकर राजेंद्र सिंह व उनकी पत्नी पर लगातार दबाव बना रहे थे।
राजेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार तड़के तीनों फिर उनके घर पहुंचे और मदद का लालच देकर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने मारपीट भी की। परेशान होकर राजेंद्र सिंह ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। इसी दौरान पास्टर विजय अपनी बाइक वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने दीप नगर चौकी पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने सुदेश, विजय और खुशी नामक तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
इस विरोध प्रदर्शन में आर्य वीर दल, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भैरव सेना, हिंदू एकता परिषद, रूद्र दल समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता और क्षेत्रीय पार्षद राकेश पंडित मौजूद रहे। संगठनों ने कहा कि किसी भी तरह के जबरन या लालच देकर कराए जा रहे धर्मांतरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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