देहरादून। आमजन की समस्याओं को लेकर अक्सर प्रशासनिक लापरवाही की शिकायतें सुनने को मिलती हैं, लेकिन देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल की जनसुनवाई इन धारणाओं को तोड़ती नजर आई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में डीएम ने न सिर्फ जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुना, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही राहत पहुंचाई।
बीमा भुगतान में लापरवाही पर बैंक मैनेजर को 15 लाख का नोटिस
राजपुर रोड स्थित जिला सहकारी बैंक में बीमा राशि के लिए एक वर्ष से चक्कर काट रहीं महिला शिवानी गुप्ता की शिकायत पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। महिला के पति की मृत्यु के बाद उन्हें 15 लाख रुपये की बीमा राशि मिलनी थी, लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा टालमटोल किया जा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बैंक मैनेजर के खिलाफ 15 लाख रुपये का रिकवरी नोटिस जारी कर दिया।
दिव्यांग की मदद को आगे आए डीएम, बिजली बिल जमा कराया
बड़ोवाला निवासी पूर्ण रूप से दिव्यांग जितेंद्र की शिकायत ने सबको भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि उनके ऊपर 23 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया हो गया है, जिस कारण उनका कनेक्शन भी काट दिया गया। उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने राइफल फंड से 23 हजार रुपये की व्यवस्था कर बिल का भुगतान करवाया। साथ ही उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश भी दिए गए।
पेंशन और चिकित्सा सहायता में भी दिखाई तत्परता
जनसुनवाई में पेंशन के लिए 11 महीनों से भटक रहीं ऋषि नगर की राधा की समस्या का भी तत्काल समाधान किया गया और उनकी पेंशन स्वीकृत की गई। वहीं, गंभीर फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित एक विधवा के बेटे कार्तिक रावत के इलाज की भी तुरंत व्यवस्था करवाई गई।
133 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
इस जनसुनवाई में कुल 133 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकतर का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, संयुक्त मजिस्ट्रेट अनामिका, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एसडीएम अपूर्वा सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अन्य मामलों में हुई कार्रवाई व निर्देश जारी
न्यू कैंट रोड के एक दंपती की शिकायत पर आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे कारखाने पर मुकदमा दर्ज किया गया। श्रम विभाग, एमडीडीए, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
लांघा रोड के सीमांकन विवाद में वन विभाग को 21 मई तक कार्रवाई करने को कहा गया।
रानीपोखरी में अतिक्रमण की शिकायत पर डोईवाला उपजिलाधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए गए।
गलज्वाड़ी में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया गया।
निष्कर्ष:
देहरादून डीएम सविन बंसल की जनसुनवाई एक मिसाल बनती नजर आई, जिसमें जनता की आवाज़ को प्राथमिकता दी गई और प्रशासनिक मशीनरी को सजीव रूप में काम करता देखा गया। जनता को समय पर राहत पहुंचाकर यह जनसुनवाई प्रशासनिक जवाबदेही की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है।
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