नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्रों के भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण दल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छात्रों को जीवन में समय प्रबंधन, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के महत्व पर विशेष रूप से मार्गदर्शन दिया।
सीएम धामी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के भीतर असीम शक्तियां मौजूद हैं, जिन्हें सही दिशा, एकाग्रता और लगातार मेहनत से उजागर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी यदि अपने समय का सदुपयोग करें और अपनी गलतियों को सुधारने की आदत विकसित करें, तो भविष्य में उन्हें बड़ी सफलताएँ मिलना सुनिश्चित है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को उनके विद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं और विश्वास जताया कि भारत दर्शन जैसे कार्यक्रम छात्रों को देश के विविध आयामों और कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि अब राज्य स्तर पर भी इसी प्रकार के शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, जिससे छात्रों की सोच और समझ का दायरा बढ़ेगा।
अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए सीएम धामी ने कहा कि वे नौवीं कक्षा में थे जब उनके पिताजी सेना से सेवानिवृत्त हुए। दसवीं की परीक्षा देने के लिए वे अकेले खटीमा से सागर तक नैनीताल एक्सप्रेस से यात्रा करके गए थे। उन्होंने इसे अपना पहला शैक्षिक भ्रमण बताया, जिसने उन्हें जीवन भर सीखते रहने की प्रेरणा दी।
सीएम ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा और चुनौतियाँ जीवन को दिशा देती हैं। पढ़ाई के स्वर्णिम वर्ष दोबारा नहीं आते, इसलिए इस समय को मेहनत, अनुशासन और कौशल विकास के लिए समर्पित करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को लेखन प्रक्रिया को स्पष्ट, सुगठित और प्रभावी बनाने की सलाह भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के कंधों पर टिका है। यदि वे समय प्रबंधन और आत्मविश्वास को जीवन में शामिल कर लें, तो लक्ष्य प्राप्ति निश्चित है।
इस मौके पर देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी भी मौजूद रहे।
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