क्लेमेंटटाउन, देहरादून स्थित मिलिट्री पुलिस स्टेशन हाल ही में एक संभावित साइबर हमले के खतरे की चपेट में आया। 4 और 5 मई को मिलिट्री पुलिस कंट्रोल रूम (MPCR) को दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संदिग्ध संदेशों की प्राप्ति हुई, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई।जिनमें सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की गई। यह संदेश केवल साधारण टेक्स्ट नहीं थे, बल्कि इनमें पाकिस्तान से संबंधित संदर्भ और खतरनाक एपीके (APK) फाइलें भी भेजी गईं।
पहले दिन भेजे गए संदेश में भारत-पाकिस्तान से जुड़ा एक अधूरा मैसेज और एक एपीके फाइल शामिल थी। दूसरे दिन एक फाइल “नई एसओपी और पॉलिसी मई-2025” के नाम से भेजी गई, जो संभवतः एक मालवेयर हो सकती थी। सौभाग्यवश, सेना के अधिकारियों ने सतर्कता बरतते हुए इन फाइलों को डाउनलोड नहीं किया। यदि ये फाइलें इंस्टॉल हो जातीं, तो सिस्टम में सेंधमारी की पूरी संभावना थी।
सेना ने इसे गंभीर साइबर हमले की कोशिश मानते हुए तुरंत साइबर अपराध थाना और क्लेमेंटटाउन पुलिस को सूचित किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने 14 मई को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल, उन मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है, जिनसे ये संदेश भेजे गए थे।
यह घटना देश की सुरक्षा प्रणाली पर साइबर खतरों की गंभीरता को दर्शाती है। ऐसे प्रयास यह संकेत देते हैं कि दुश्मन अब परंपरागत सीमाओं से हटकर डिजिटल माध्यमों से भी सुरक्षा तंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटा है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मामले की तह तक जाकर संभावित स्रोतों का पता लगाने में लगी हैं।
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