अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

देहरादून में तेज रफ्तार पर सख्ती: 59 हाई-टेक कैमरों से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

On: December 3, 2025 4:56 AM
Follow Us:

देहरादून में अब तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस बड़े स्तर पर कदम उठा रही है। शहरभर के दुर्घटना संभावित इलाकों में 59 स्पीड लिमिट वायलेशन डिटेक्शन (SLVD) कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं। ये आधुनिक कैमरे लगातार वाहन की गति, नंबर प्लेट और नियम उल्लंघन को रिकॉर्ड करके सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
क्यों बढ़ाई जा रही है निगरानी?
शहर में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इनमें बड़ी वजह तेज रफ्तार मानी जा रही है। कई वाहन चालक रोमांच के चक्कर में गति सीमा तोड़ देते हैं, जिससे उनकी और दूसरों की जान खतरे में पड़ती है। इस स्थिति को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने पिछले एक वर्ष के हादसों के आंकड़े, सड़क चौड़ाई और यातायात दबाव के आधार पर खास स्थान चिन्हित किए हैं, जहां ये SLVD कैमरे लगाए जाएंगे।
कैमरों की विशेषताएं
• ये कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।
• खराब मौसम, रात या कम रोशनी में भी स्पष्ट डेटा रिकॉर्ड करेंगे।
• ओवरस्पीड वाहनों की जानकारी तुरंत सर्वर पर जाएगी।
• वाहन चालक को ऑनलाइन चालान का मैसेज कुछ ही समय में मिल जाएगा।
कैसे बदलेगी यातायात व्यवस्था?
फिलहाल शहर में पहले से ही 336 कैमरे लगे हुए हैं, जिनकी वजह से कई जगहों पर तेज रफ्तार में कमी आई है। केवल जनवरी से सितंबर 2025 के बीच 1.52 लाख चालान किए गए, जिनमें 64,158 चालान कोर्ट और 88,283 जुर्माने के रूप में निपटाए गए।
नए SLVD कैमरों के लगने के बाद—
• ओवरस्पीडिंग पर और अधिक नियंत्रण होगा।
• यातायात प्रबंधन बेहतर होगा।
• ब्लैक स्पॉट की पहचान आसान होगी।
• भविष्य की सड़क सुधार योजनाओं में भी मदद मिलेगी।
ट्रैफिक पुलिस का बयान
पुलिस अधीक्षक (यातायात) लोकजीत सिंह के अनुसार, ओवरस्पीडिंग हादसों की सबसे बड़ी वजह है। नए कैमरे न केवल निगरानी बढ़ाएंगे बल्कि शहर में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment