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CM धामी की समीक्षा बैठक, निर्देश– DM कराएं सर्वे, नदी-नालों किनारे से हटें अतिक्रमण और अवैध निर्माण

On: August 31, 2025 6:54 AM
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के आपदा प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नदी-नालों के किनारे रह रहे लोगों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। नदियों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग हो और यदि किसी भी समय खतरे की स्थिति बनती है, तो तुरंत प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नदी-नालों के किनारे किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया कि जहां भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण हो, वहां विस्तृत सर्वे कराकर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

वर्षा के बाद सड़कों की मरम्मत तेज की जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात का सीजन खत्म होते ही चारधाम यात्रा के साथ-साथ त्योहारों का सीजन शुरू होगा, इसलिए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समय पर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश दिए कि टेंडर प्रक्रिया और अन्य जरूरी औपचारिकताएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि बारिश थमते ही सड़कों की दुरुस्ती का काम तुरंत शुरू हो सके। साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी, पोकलैंड और अन्य मशीनरी की व्यवस्था पहले से कर ली जाए।

बांधों की निगरानी और सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के सभी बांधों की प्रभावी निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि बांध से पानी छोड़े जाने की पूर्व सूचना हर हाल में जिला प्रशासन को दी जाए। यदि किसी अपरिहार्य स्थिति में अधिक पानी छोड़ना पड़े, तो संबंधित जनपदों में समय रहते सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित हों ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।

जिलों के बीच समन्वय अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी जनपद आपस में निरंतर संपर्क और सूचनाओं का आदान-प्रदान बनाए रखें। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का असर मैदानी इलाकों तक बाढ़ और जलभराव के रूप में पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बोट, राफ्ट और पानी की निकासी हेतु पंप जैसी सुविधाएं पहले से तैयार रखी जाएं।

जिलाधिकारियों और SSP की सराहना

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों द्वारा किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी नेतृत्व क्षमता से ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारी भी प्रेरणा लें। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि समय पर सही सूचनाएं और अलर्ट लोगों तक पहुंचना बेहद आवश्यक है। साथ ही, आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सामुदायिक सहभागिता और जनता की जागरूकता बेहद जरूरी है।

आपदा सर्वे और पुनर्निर्माण

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आपदा से हुई क्षति का आकलन जल्द पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों की टीमें गठित की जाएं। ताकि रिपोर्ट तैयार होते ही पुनर्निर्माण कार्य बिना देरी के प्रारंभ किए जा सकें।

इस ऑनलाइन समीक्षा बैठक में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी जुड़े।

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