उत्तराखंड सरकार ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यभर के सभी स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब गठित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्देश दिए गए कि सड़क सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों में जागरूकता को प्रोत्साहित किया जाए। इसके तहत SCERT (State Council of Educational Research and Training) ने भी पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर एक पूरा अध्याय शामिल किया है और इसके लिए आडियो-वीडियो संदेश तैयार किए हैं।
शिक्षा मंत्री रावत की पहल
राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष गीतमाला भी जारी की है, जिसका उद्देश्य छात्रों और समाज को यातायात नियमों के प्रति सचेत करना है। मंत्री ने कहा कि यह प्रयास सड़क सुरक्षा के महत्व को बच्चों तक पहुंचाने और उन्हें ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने का है।
SCERT की भूमिका
इस बैठक में SCERT के अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। SCERT के राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने आगामी कार्ययोजना पर प्रस्तुति दी, जिसमें कक्षा 9 की आपदा प्रबंधन पुस्तक में सड़क सुरक्षा पर एक विशेष अध्याय शामिल करने का उल्लेख किया गया है। यह अध्याय कक्षा 9 के छात्रों के लिए अनिवार्य होगा और परीक्षा में इससे जुड़े 10 अंकों के प्रश्न भी पूछे जाएंगे।
साथ ही, कक्षा 1 और 2 के छात्रों के लिए सड़क सुरक्षा संकेतों से संबंधित सामग्री को पाठ्यक्रम में जोड़ा गया है, ताकि बच्चों में प्रारंभिक स्तर पर ही यातायात नियमों की समझ विकसित हो सके।
सड़क सुरक्षा के संदेश
सड़क सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के लिए SCERT ने छह आडियो-वीडियो संदेश तैयार किए हैं, जिनमें लघु फिल्में और गीत शामिल हैं। इन संदेशों को राज्यभर में स्कूलों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से प्रसारित किया जाएगा। ये संदेश विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में मदद करेंगे।
यह कदम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षा नियमों के पालन में एक अहम भूमिका निभाएगा, ताकि बच्चे बचपन से ही सड़क सुरक्षा के महत्व को समझ सकें। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यदि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में ही सड़क सुरक्षा के नियमों के बारे में जानकारी दी जाए, तो भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
इस पहल को लेकर राज्य सरकार अब बड़े स्तर पर कार्य कर रही है, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में सशक्त जागरूकता विकसित की जा सके।
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