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चारधाम यात्रा में हेलिकॉप्टर हादसों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब, सुरक्षा नीति बनाने के निर्देश

On: June 21, 2025 7:30 AM
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हर साल चारधाम यात्रा के दौरान हो रहे हेलिकॉप्टर हादसों पर नैनीताल हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने इन घटनाओं का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर ऐसी दुर्घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं और इसके पीछे किसकी लापरवाही जिम्मेदार है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सरकार से पूछताछ करते हुए कहा कि यह मामला केवल तकनीकी चूक का नहीं, बल्कि यात्रियों की जान से जुड़ा हुआ है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने चारधाम मार्गों पर हेलिकॉप्टर उड़ानों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। विशेष रूप से केदारनाथ घाटी जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में, जहां मौसम पल-पल में बदलता है, वहां एविएशन कंपनियों के लिए मौसम संबंधी पूरी जानकारी होना अनिवार्य बताया गया। कोर्ट ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के बाद अक्सर जमीन शुष्क हो जाती है, जिससे उड़ान के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है।

राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनज़र अस्थायी रूप से हेलिकॉप्टर सेवाओं को रोका गया है। इस कदम का उद्देश्य दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है और यात्रियों का विश्वास बहाल करना है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह हेलिकॉप्टर सेवाओं के लिए एक मजबूत और स्पष्ट सुरक्षा नीति तैयार करे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

यह पहल केवल न्यायिक चिंता नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि धार्मिक पर्यटन को सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से संचालित करने के लिए अब प्रशासन को ठोस निर्णय लेने होंगे। अदालत की यह सख्ती संभवतः भविष्य की हवाई सेवाओं को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

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