चारधाम यात्रा 2025 के तहत उत्तरकाशी जिले स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धामों की सुरक्षा व्यवस्था को इस बार और अधिक पुख्ता किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार उत्तराखंड पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की तैनाती दोनों धामों में की गई है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा पूर्ण रूप से सुरक्षित और निर्बाध रहे।
प्रत्येक धाम में एटीएस के सात-सात कमांडो तैनात किए गए हैं, जिनमें एक-एक जवान वाहन चालक के रूप में कार्य करेगा। यह दस्ता अत्याधुनिक हथियारों से लैस रहेगा और अगले छह महीनों तक धाम क्षेत्र में तैनात रहेगा। इसके साथ ही समय-समय पर बम निरोधक दस्ते (बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड – BDS) की टीम भी इलाके में गश्त करती रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार के संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आमतौर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में कपाट खुले रहने के दौरान सामान्य पुलिस बल की ही तैनाती होती थी, लेकिन आतंकी खतरे को देखते हुए इस बार सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। गंगोत्री व यमुनोत्री जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर एटीएस की मौजूदगी से यह संदेश साफ है कि उत्तराखंड प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरतना चाहता।
यह सुरक्षा इंतजाम न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए भरोसे का माहौल बनाएंगे, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन और धार्मिक यात्रा को भी एक नई सुरक्षा पहचान देंगे।









