चारधाम यात्रा 2025 में मई माह के दौरान तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक चिंताजनक संकेत है। इस वर्ष मई में लगभग 17.17 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा में भाग लिया, जबकि 2024 में इसी अवधि में यह संख्या 19.5 लाख थी।
इस गिरावट के पीछे कई कारण सामने आए हैं। पिछले महीनों में सीमा पर तनाव और पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा चिंताओं के चलते यात्रियों ने अपनी योजनाएं रद्द कीं। इसके अलावा, मौसम की अनिश्चितता और भारी बारिश के कारण भी यात्रा प्रभावित हुई।
पर्यटन उद्योग पर भी इसका असर पड़ा है। ज्योतिमठ जैसे प्रमुख पड़ावों में होटल बुकिंग में लगभग 50% की कमी आई है, जिससे स्थानीय व्यवसायों और टैक्सी ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान हुआ है।
हालांकि, मई के अंत में यात्रियों की संख्या में कुछ सुधार देखा गया, लेकिन यह अभी भी पिछले वर्ष के आंकड़ों से पीछे है। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि जून में गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी, लेकिन प्रारंभिक आंकड़े इस वर्ष की यात्रा को ‘औसत’ ही दर्शाते हैं।
इस स्थिति को देखते हुए, पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि चारधाम यात्रा को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-संवेदनशील बनाने के लिए तीर्थस्थलों पर दैनिक तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित की जाए। इससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि तीर्थयात्रियों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा।
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