गढ़वाल क्षेत्र में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक भूस्खलन होने से बड़ा हादसा टल गया। भाजपा सांसद अनिल बलूनी इस घटना में बाल-बाल बच गए। जानकारी के मुताबिक वे भूस्खलन प्रभावित लोगों से मिलने जा रहे थे कि तभी कर्णप्रयाग-नंदप्रयाग के बीच उमटा क्षेत्र में पहाड़ का बड़ा हिस्सा भरभराकर हाईवे पर गिर पड़ा। खतरे को देखते ही सांसद बलूनी तत्काल अपनी गाड़ी से उतरकर सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ पड़े। इस घटना का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया है।
नया भूस्खलन जोन बना मुसीबत
बद्रीनाथ हाईवे पर इस बार मानसून के दौरान उमटा के पास नया भूस्खलन जोन उभरा है, जिसने बार-बार यातायात को ठप कर यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दीं। करीब 200 मीटर क्षेत्र में फैले इस जोन में आए दिन मलबा गिरने से सड़क बाधित होती रही। अब हालत यह है कि यहां बने आरसीसी पुल के एक छोर पर सड़क धंस चुकी है, जिससे पुल की नींव तक कमजोर हो गई है।
वनवे ट्रैफिक से चल रहा काम
फिलहाल स्थिति को देखते हुए यहां वनवे में ही यातायात संचालित किया जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी व्यवस्था किसी दिन बड़े संकट का कारण बन सकती है। नाले में पहले से भरा भूस्खलन का मलबा और पहाड़ियों से बढ़ता जलस्तर स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
प्रशासन और एनएच पर सवाल
बार-बार बाधित हो रहे मार्ग को लेकर प्रशासन की सख्ती भी सामने आई है। जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने हाईवे को सुचारु न कर पाने पर एनएच के अधिकारियों के खिलाफ आपदा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। अब जबकि मानसून थम चुका है, एनएच स्थायी ट्रीटमेंट के लिए कार्ययोजना बना रहा है।
गढ़वाल में बद्रीनाथ हाईवे देश और प्रदेश दोनों के लिए अहम है। ऐसे में लगातार खतरा बने इस नए भूस्खलन जोन ने न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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