अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड में जातीय जनगणना से सामाजिक और राजनीतिक संतुलन में बड़ा बदलाव संभव”

On: May 1, 2025 9:20 AM
Follow Us:

पृथक उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को नगर निकाय चुनावों में आरक्षण का लाभ प्राप्त हुआ है। प्रदेश सरकार ने इस उद्देश्य के लिए एक एकल सदस्यीय आयोग का गठन किया था, जिसने व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि ओबीसी वर्ग को उनका वाजिब प्रतिनिधित्व मिल सके। अब यही आरक्षण नीति आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी लागू होने जा रही है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखा जा सकता है।

उत्तराखंड की कुल जनसंख्या लगभग 1.25 करोड़ है और प्रदेश में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से वर्तमान में 12 सीट अनुसूचित जाति (SC) और दो सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अब तक विधानसभा चुनावों में एक भी सीट आरक्षित नहीं रही है।

देशभर में जातीय जनगणना कराए जाने के केंद्र सरकार के निर्णय ने उत्तराखंड जैसे सामाजिक रूप से विविध राज्य में राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से गढ़ने का मार्ग खोल दिया है। नई जनगणना से ओबीसी वर्ग की सटीक जनसंख्या सामने आएगी, जिससे उनके राजनीतिक अधिकारों की स्पष्टता और मांग दोनों को बल मिलेगा।

राज्य के प्रमुख जिलों की बात करें तो हरिद्वार में ओबीसी की भागीदारी करीब 56 प्रतिशत, ऊधम सिंह नगर में 45 प्रतिशत और देहरादून में लगभग 34 प्रतिशत के आसपास मानी जाती है। उत्तरकाशी, जो एक पर्वतीय जिला है, वहां भी ओबीसी वर्ग की जनसंख्या अन्य सभी जिलों से अधिक आंकी जाती है। इसके विपरीत नैनीताल में यह आंकड़ा लगभग छह प्रतिशत और शेष पर्वतीय जिलों में पांच प्रतिशत से भी कम है।

हरिद्वार जिले में सर्वाधिक 11 विधानसभा सीटें हैं, जबकि ऊधम सिंह नगर में 9 और देहरादून में 10 विधानसभा सीटें हैं। इन जिलों में ओबीसी मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। जातीय जनगणना के बाद जब ओबीसी की सही संख्या और उनकी भागीदारी आंकड़ों के रूप में सामने आएगी, तब राजनीतिक दलों को अपनी रणनीतियों में आमूलचूल बदलाव करने पड़ेंगे।

अब जबकि पंचायत और निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू हो चुका है, तो आने वाले समय में विधानसभा चुनावों में भी ओबीसी वर्ग को आरक्षण मिलना लगभग तय माना जा रहा है। इससे न केवल प्रदेश में सामाजिक न्याय की अवधारणा मजबूत होगी, बल्कि ओबीसी वर्ग की राजनीतिक हैसियत में भी अप्रत्याशित वृद्धि होगी।

यह भी पढें- देहरादून में आसन नदी को प्रदूषित करने वालों पर बड़ी कार्रवाई: दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस सक्रिय

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Ganga River Rafting Season: गंगा की तेज लहरों में फिर शुरू हुआ रोमांच, आगामी वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ जुटने का अनुमान

Dehradun MDMA Drug News: देहरादून में हाइप्रोफाइल MDMA ड्रग के साथ फिर दो छात्र गिरफ्तार, महंगे शौक पूरे करने के लिए करते थे नशा तस्करी

​Dehradun BJP Councillor House Robbery 2026: 20 दिन में भरोसा जीतकर नौकर ने दी वारदात को अंजाम, परिवार को नशीला खाना खिलाकर उड़ाए लाखों

​Dehradun Hyundai Car Service Center Fire: सुभाषनगर में तड़के भीषण हादसा, बिल्डिंग से भी ऊंची उठीं लपटें

​Dehradun BJP Councillor House Robbery: देहरादून में भाजपा पार्षद के घर सनसनीखेज वारदात, नौकर ने परिजनों को दिया जहरीला पदार्थ, लाखों के जेवर लेकर फरार

​PM Modi Kedarnath Visit: अक्तूबर में बाबा केदार के धाम पहुंचेंगे पीएम मोदी, पूजा-अर्चना के बाद लेंगे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा

Leave a Comment