मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल ही में सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रावधानों को लागू करने की दिशा में कई अहम निर्णय लिए गए। खासतौर पर हाईस्कूल स्तर पर वार्षिक परीक्षा प्रणाली में बदलाव की तैयारी है—अब 10वीं कक्षा की परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने की योजना पर काम हो रहा है। इसके साथ ही परीक्षा पैटर्न और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा को जीवन के अनुभवों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘भारत दर्शन’ योजना को भी विस्तार दिया जा रहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस वर्ष कम से कम 1,000 विद्यार्थियों को भारत दर्शन कराया जाए, जबकि अगले वर्ष यह संख्या बढ़ाकर 5,000 तक पहुंचाई जाए। यात्रा की अवधि सात दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें छात्र देश के प्रमुख विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं सैन्य संस्थानों का भ्रमण करेंगे।
बैठक में क्लस्टर स्कूल योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावित 559 क्लस्टर विद्यालयों की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) एक माह के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब के निर्माण कार्यों की डीपीआर भी जल्द प्रस्तुत करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय समितियों को सक्रिय किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि राज्य में आवासीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाए, और इन संस्थानों में एक वाहन की अनिवार्य व्यवस्था हो ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता मिल सके। छात्रावासों की योजनाओं के लिए डीपीआर एक महीने में तैयार की जाए और निर्माण कार्यों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर नियमित समीक्षा की जाए। यह कदम शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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