उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। होली के उल्लास और रंगों के त्योहार से ठीक पहले एक घर में खून की होली खेली गई, जहां एक कलयुगी बेटे ने संपत्ति और गहनों के लालच में आकर अपने ही माता-पिता, दादी और बहन की निर्मम हत्या कर दी। यह हृदयविदारक घटना रुपईडीहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बसंतपुर रुदल गांव की है, जहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे एक हँसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया। जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया हुआ था, तब गांव निवासी बदलूराम के घर से उठी चीख-पुकार ने सन्नाटे को चीर दिया और ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया।
घटना की जड़ में जमीन का विवाद और गहनों की बिक्री से मिले पैसे बताए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बदलूराम का बेटा निरंकार काफी समय से अपने पिता से उन पैसों की मांग कर रहा था, जो पिता ने हाल ही में जमीन का एक हिस्सा और कुछ पुराने गहने बेचकर प्राप्त किए थे। पिता द्वारा पैसा देने से मना करने पर घर में अक्सर तनाव का माहौल रहता था। वारदात वाली रात भी इसी बात को लेकर घर में तीखी नोकझोंक हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि निरंकार अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और उसने पास में रखी कुल्हाड़ी उठा ली। आवेश में आकर उसने सबसे पहले अपने पिता बदलूराम पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जैसे ही घर के अन्य सदस्यों को इस हमले की भनक लगी, वे बचाव के लिए दौड़े। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची 56 वर्षीय माता संजू देवी, बहन पार्वती और 80 वर्षीय वृद्ध दादी सिताला को भी आरोपी ने नहीं बख्शा। उसने एक-एक कर चारों पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया। घर के आंगन में चारों ओर खून फैल गया और देखते ही देखते चार लाशें बिछ गईं। गांव के ग्रामीण जब तक शोर सुनकर बदलूराम के घर के अंदर पहुंचे, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। आरोपी निरंकार ने जिस क्रूरता के साथ अपनी ही सगी बहन और बुजुर्ग दादी पर हमला किया, उसे देखकर ग्रामीणों की रूह कांप गई।
ग्रामीणों को घर के अंदर आते देख और खुद को चारों तरफ से घिरा पाकर आरोपी निरंकार को अपनी गलती का अहसास हुआ या शायद वह पकड़े जाने के डर से घबरा गया। उसने मौके पर ही पास में पड़ी एक ईंट उठाई और अपने सिर पर दे मारी। उसने खुद पर जानलेवा हमला कर आत्महत्या करने की कोशिश की। ग्रामीणों ने तुरंत उसे पकड़कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गंभीर हालत में हिरासत में लेकर जिला अस्पताल भर्ती कराया, जहां से उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है।
इस सामूहिक हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डीपी तिवारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण नमूने और साक्ष्य एकत्र किए हैं ताकि कानूनी प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पिता द्वारा बेची गई जमीन के पैसों का विवाद ही इस नरसंहार का मुख्य कारण बना।
बहराइच की यह घटना समाज में बढ़ते भौतिकवाद और खत्म होते धैर्य की एक भयावह मिसाल है। महज कुछ रुपयों और जमीन के टुकड़े के लिए एक युवक ने अपने उन रिश्तों का कत्ल कर दिया, जिन्होंने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया था। गांव के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं और पूरे इलाके में मातम छाया हुआ है। होली के त्योहार की खुशियां अब इस परिवार के लिए कभी न खत्म होने वाले दुख में बदल चुकी हैं। पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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