देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बार फिर अवैध धर्मांतरण का मामला उजागर हुआ है। इस बार बरेली की रहने वाली 28 वर्षीय युवती सुमैया (बदला हुआ नाम) को ऑनलाइन ज़रिये निशाना बनाया गया। आरोप है कि युवती को “रिवर्ट टू इस्लाम” नामक ग्रुप में शामिल कर पहले कुरान की तालीम दी गई और फिर उसे इस्लाम धर्म अपनाने के लिए लगातार मानसिक रूप से प्रभावित किया गया।
बताया जा रहा है कि युवती बीएससी पास है और देहरादून में पढ़ाई के साथ-साथ वाल पेंटिंग का कार्य भी कर रही थी। अपनी पेंटिंग्स को प्रमोट और बेचने के लिए वह इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय हुई, जहां उसकी पहचान कुछ मुस्लिम युवकों से हुई। इसके बाद उसे ‘रिवर्ट टू इस्लाम’ जैसे कई ऑनलाइन ग्रुप्स में जोड़ दिया गया।
इन ग्रुप्स में पाकिस्तान, इजिप्ट, यूके समेत कई मुस्लिम देशों के लोग शामिल थे, जो युवती को इस्लाम धर्म की शिक्षाएं देते रहे और उसे धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते रहे। आरोप है कि उसे इस्लाम के प्रचार में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया और यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा।
यह मामला तब उजागर हुआ जब रानीपोखरी क्षेत्र की एक अन्य धर्मांतरण पीड़िता मरियम की जांच के दौरान पुलिस को सुमैया की जानकारी मिली। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है।
यह मामला न सिर्फ युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से कैसे प्रभावित किया जा रहा है, बल्कि धर्मांतरण की एक संगठित ऑनलाइन रणनीति की ओर भी इशारा करता है।
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