अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच और कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रविवार को देहरादून की सड़कों पर जनआक्रोश देखने को मिला। कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों और राज्य आंदोलनकारी संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री आवास कूच में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान दिलाराम चौक पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। हालात को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर भीड़ को आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद प्रदर्शनकारी हाथीबड़कला क्षेत्र में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस मामले में सच्चाई सामने आने से रोक रही है।
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय प्रवक्ता महेश जोशी ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पहाड़ की अस्मिता, देवभूमि की संस्कृति और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी का जघन्य हत्याकांड पूरे प्रदेश के लिए एक गहरा घाव है, जिसने उत्तराखंड की छवि को देशभर में आहत किया है।
महेश जोशी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग अहंकार में डूबे हुए हैं और इस हत्याकांड में संलिप्त प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे जनता का भरोसा टूट रहा है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज द्वारा की जाए, ताकि निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित हो सके। जोशी ने यह भी कहा कि भाजपा छोटी-छोटी बातों पर प्रदेश में बड़ा बवाल खड़ा कर देती है, लेकिन इतने संवेदनशील और गंभीर मामले में उसकी चुप्पी जनता के गुस्से को और बढ़ा रही है। इसी कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं।
महेश जोशी ने आगे बताया कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली में चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के मुख्य संरक्षक धीरेन्द्र प्रताप के नेतृत्व में उत्तराखंड के प्रवासी जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे, ताकि केंद्र सरकार का भी ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया जा सके।
इस प्रदर्शन में चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संघ समिति के देहरादून जनपद अध्यक्ष विशंभर बौथियाल ने भी सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री आवास कूच में चिन्हित राज्य अधिकारी सैनिक समिति की केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, केंद्रीय मीडिया संयोजक नवीन जोशी, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मनीष नागपाल, नवीन मैठानी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस की ओर से मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसोनी और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने भी राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों को सजा नहीं दी जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।








