उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। पिछले दो सप्ताह से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष आंचल मिश्रा का शव नेपाल सीमा के निकट ककरदरी के घने जंगलों में पाया गया है। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि वह टुकड़ों में बिखरा हुआ मिला। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।
गायब होने से शव मिलने तक का पूरा घटनाक्रम
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत फतेहपुर बनगई के अंतर्गत आने वाले बांसगढ़ी गांव की निवासी आंचल मिश्रा भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। वह संगठन में महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थीं। घटनाक्रम की शुरुआत बीते 17 फरवरी को हुई, जब वह भिनगा में आयोजित संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। बैठक के बाद जब वह देर शाम तक घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो उनके पति संतोष मिश्रा ने 19 फरवरी को मल्हीपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस पिछले 14 दिनों से आंचल की तलाश में जुटी थी, लेकिन मंगलवार को पुलिस को ककरदरी जंगल में मानव अवशेष मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक महेंद्र कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जंगल के भीतर तलाशी के दौरान पुलिस को आंचल का जूता, मोजा, अधजली साड़ी, पर्स, टूटी हुई चूड़ियां और शरीर का जबड़ा बरामद हुआ। घटनास्थल की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के जवानों को खोजी कुत्तों के साथ बुलाया गया। डॉग स्क्वायड की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके बाद जंगल के अलग-अलग हिस्सों से मानव सिर, रीढ़ की हड्डी और पैर की हड्डियों समेत शरीर के अन्य अवशेष बरामद किए गए।
पहचान और फॉरेंसिक जांच
जंगल के भीतर बिखरे मिले इन अवशेषों को देखकर हर कोई दंग रह गया। मौके पर पहुंचे मृतका के पति संतोष मिश्रा ने वहां मिले पर्स, जूतों और साड़ी के टुकड़ों के आधार पर उनकी पहचान अपनी पत्नी आंचल मिश्रा के रूप में की। पहचान होने के बाद पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया, जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि शव की यह दुर्दशा जंगली जानवरों के कारण हुई है या फिर हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जलाकर फेंका गया था।
इलाके में तनाव और पुलिस की कार्रवाई
भाकियू की एक प्रमुख पदाधिकारी की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और शव के टुकड़े मिलने से किसान संगठनों में काफी नाराजगी है। पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 14 दिनों तक पुलिस सुराग क्यों नहीं लगा पाई। फिलहाल, पुलिस ने सभी अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मल्हीपुर थाना प्रभारी महेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मृतका के परिजनों के लिखित तहरीर देने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला केवल एक महिला की गुमशुदगी और मौत का नहीं, बल्कि नेपाल सीमा पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। क्या आंचल मिश्रा किसी बड़ी साजिश का शिकार हुईं या फिर इसके पीछे कोई व्यक्तिगत रंजिश थी? इन सवालों के जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया जांच के बाद ही साफ हो पाएंगे। फिलहाल, पूरा गांव और किसान संगठन आंचल के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
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