उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में सरकारी राशन वितरण प्रणाली पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। जिले के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने 1 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। विक्रेताओं का कहना है कि जब तक 31 मई तक उनके लंबित बिलों का भुगतान नहीं होता और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, वे राशन वितरण पूरी तरह बंद कर देंगे।
विक्रेता संघ का आरोप है कि सरकार बार-बार नए नियम लागू कर उनकी आजीविका से खिलवाड़ कर रही है। ई-पॉस मशीनों को जबरन थोपने से लेकर गोदामों से बिना तौल राशन दिए जाने तक की शिकायतें सामने आई हैं। हर कट्टे में तीन से पांच किलो राशन कम निकलने से कोटेदारों को जनता की नाराज़गी भी झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही, कोरोना काल और अन्य योजनाओं के अंतर्गत वितरित राशन का भुगतान आज तक नहीं हो पाया है।
नंदादेवी गीता भवन में आयोजित बैठक में जिला अध्यक्ष संजय साह रिक्खू ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते इन समस्याओं पर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है। उनका कहना है कि वे अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
अगर हड़ताल शुरू होती है तो जिले के हजारों उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर झेलना पड़ेगा। राशन वितरण ठप होने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भारी परेशानी हो सकती है। ऐसे में अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
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