देहरादून। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद देहरादून पुलिस सतर्क हो गई है। शहर में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी मूल के छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जनपद में वर्तमान में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कुल 1201 कश्मीरी छात्र अध्ययनरत हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने स्वयं इन छात्रों से मुलाकात कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल स्थानीय पुलिस से संपर्क करने की अपील की। इसके साथ ही जिन शिक्षण संस्थानों और पीजी में ये छात्र रह रहे हैं, वहां पीएसी की तैनाती की गई है और सुरक्षाबलों को सतर्क कर नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
भड़काऊ पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई, 25 पोस्ट हटाईं गईं
इंटरनेट मीडिया पर फैलाई जा रही नफरत भरी और भड़काऊ सामग्री को लेकर भी पुलिस सक्रिय हो गई है। सोशल मीडिया पर देहरादून में रह रहे कश्मीरी छात्रों के खिलाफ की गई भड़काऊ पोस्टों को हटाने की कार्रवाई की गई है। अब तक कुल 25 आपत्तिजनक पोस्टों को हटवाया गया है, जबकि धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में एक संस्था के खिलाफ हेट स्पीच की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इंटरनेट मीडिया मॉनिटरिंग सेल लगातार इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है, ताकि सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी से माहौल न बिगड़े।
संस्थानों और पीजी संचालकों को सुरक्षा के निर्देश
बिधोली चौकी में हुई एक गोष्ठी में एसएसपी अजय सिंह ने उन सभी शिक्षण संस्थानों और पीजी संचालकों से मुलाकात की, जहां कश्मीरी छात्र पढ़ाई या निवास करते हैं। उन्हें छात्रों की जानकारी अपडेट रखने और सुरक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।
वर्दी की बिक्री पर सख्ती, बिना पहचान पत्र नहीं होगी बिक्री
सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक और अहम कदम उठाया है। अब बिना वैध पहचान पत्र के कोई भी व्यक्ति बाजार में सुरक्षा एजेंसियों से मिलती-जुलती वर्दी नहीं खरीद सकेगा। पुलिस ने शहर में ऐसी दुकानों की पहचान कर ली है, जहां सेना और अर्धसैनिक बलों की वर्दी बेची जाती है। दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना पहचान के ऐसी सामग्री की बिक्री न करें। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पहलगाम हमले में आतंकियों ने सेना की वर्दी पहनकर वारदात को अंजाम दिया था। इसे देखते हुए पुलिस किसी भी तरह की चूक नहीं चाहती।








