उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के निर्देश पर दून पुलिस ने धार्मिक आस्था की आड़ में ठगी करने वाले फर्जी बाबाओं के खिलाफ “ऑपरेशन कालनेमि” नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस द्वारा लगातार दूसरे दिन भी बड़ी कार्रवाई की गई। शनिवार को शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर साधु-संतों के भेष में घूम रहे 23 फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 10 आरोपी उत्तराखंड से बाहर के हैं।
एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट कहा कि जनता की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय उन व्यक्तियों की पहचान करें, जो खुद को साधु-संत बताकर विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को बहला-फुसलाकर उनकी समस्याओं का समाधान करने का झांसा देते हैं और फिर उन्हें वशीभूत कर ठगी को अंजाम देते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में देहरादून, हरिद्वार, बिजनौर, हाथरस, मैनपुरी, दरभंगा, कोलकाता और सिरसा सहित कई स्थानों से आए लोग शामिल हैं। इन सभी ने धार्मिक वेशभूषा पहन रखी थी और वे शहर के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय थे। इनकी गतिविधियाँ आमजन को भ्रमित कर उनसे पैसे ऐंठने की दिशा में पाई गईं।
मुख्यमंत्री की सख्ती और पुलिस की सक्रियता के चलते अब ऐसे लोगों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है जो देवभूमि की शांति और श्रद्धा को अपने निजी स्वार्थ के लिए दूषित कर रहे थे। “ऑपरेशन कालनेमि” के अंतर्गत आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
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