नैनीताल के मल्लीताल इलाके में मंगलवार शाम बड़ा हादसा टल गया, जब हाई कोर्ट परिसर के पास स्थित एक पुराने दो मंजिला भवन में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैलने लगी कि देखते ही देखते पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य जगदीश तिवारी और उनका बेटा ऊपर वाले कमरे में मौजूद थे और लपटों के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
हालात गंभीर होते देख स्थानीय लोग तुरंत हरकत में आए और बिना अपनी जान की परवाह किए काफी संघर्ष के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
कैसे लगी आग – अभी साफ नहीं
हालांकि आग किस वजह से लगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रारंभिक अनुमान शॉर्ट सर्किट की ओर इशारा करते हैं, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। नुकसान का सही आकलन भी फिलहाल नहीं हो सका है।
भवन का विवरण
चीना बाबा चौराहे के पास स्थित यह भवन ऐतिहासिक महत्व रखता है।
- निचले हिस्से में होटल दीना और टेंट हाउस संचालित होता है।
- ऊपरी मंजिल पर सरस्वती शिशु मंदिर, गीता आश्रम, स्वामीजी का निवास और कई किराये के कमरे स्थित हैं।
मंगलवार शाम करीब 7:15 बजे प्रधानाचार्य और उनके बेटे ने ऊपर वाले हिस्से से धुआँ उठता देखा, लेकिन आग तेज होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए।
स्थानीय लोगों की तत्परता ने बचाई जान
दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही आसपास के होटल कर्मचारी, राहगीर और कई युवा राहत कार्य में जुट गए।
छतों पर चढ़कर, पानी की बाल्टियाँ डालकर और फंसे लोगों तक पहुँचने की कोशिशों ने बड़ा हादसा होने से रोक दिया।
यही सामूहिक प्रयास था कि आग इतनी भीषण होने के बावजूद किसी की जान नहीं गई।
दमकल और एसडीआरएफ का संयुक्त अभियान
दमकल कर्मियों को आग बुझाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ा क्योंकि लपटें तेजी से फैल रही थीं।
- भीमताल और भवाली से अतिरिक्त फायर टेंडर मंगाए गए।
- हाई कोर्ट के पास स्थित दो हाइड्रेंट से पानी की आपूर्ति की गई।
- ऊर्जा निगम ने तत्काल क्षेत्र की बिजली बंद कर दी ताकि शॉर्ट सर्किट से अतिरिक्त खतरा पैदा न हो।
करीब 40 से अधिक कर्मियों ने एक साथ मोर्चा संभाला और आखिरकार स्थिति को नियंत्रित किया।
CM ने लिया अपडेट, राहत कार्यों में तेजी के निर्देश
राहत कार्य के दौरान भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को वीडियो कॉल किया।
CM ने मौके की स्थिति की जानकारी ली और एसडीएम को निर्देश दिए कि—
- राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए,
- प्रभावितों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाए।
यातायात बना बाधा, फिर पुलिस ने संभाला मोर्चा
जब टीमें मौके पर पहुंचीं, उस समय सड़क पर सामान्य यातायात जारी था, जिससे फायर वाहनों की आवाजाही बाधित होने लगी।
करीब 8 बजे पुलिस ने दोनों ओर से वाहनों को रोककर रास्ता खाली करवाया, जिससे अभियान को गति मिली।
प्रशासनिक विभागों में दिखा बेहतरीन तालमेल
जल संस्थान, ऊर्जा निगम, पुलिस और दमकल विभाग के बीच शानदार समन्वय देखने को मिला।
- बिजली विभाग ने तुरंत सप्लाई बंद की,
- जल संस्थान ने हाइड्रेंट से पानी उपलब्ध कराया,
- पुलिस ने रास्ते साफ कराए,
- दमकल और एसडीआरएफ ने आग पर काबू किया।
निष्कर्ष
स्थानीय जनता की तत्परता, दमकल विभाग की मुस्तैदी और प्रशासनिक सहयोग ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
प्रधानाचार्य और उनका बेटा सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, यह राहत की सबसे बड़ी खबर रही।








