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औली से गौरसो की चोटी तक बनेगा चेयर कार रोपवे, डीपीआर पर तेजी से काम जारी

On: December 15, 2025 4:50 AM
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प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार पर्वतमाला मिशन के तहत बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। इसी क्रम में विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्कीइंग और टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। सरकार ने औली से गौरसो की चोटी तक चेयर कार रोपवे बनाने का निर्णय लिया है, जिसकी डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर काम चल रहा है।
औली की ढलानों को स्कीइंग के लिए और अधिक विकसित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
राज्य सरकार दूरस्थ पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान करने के उद्देश्य से पर्वतमाला मिशन पर विशेष ध्यान दे रही है। केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) ने पहले चरण में सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे की डीपीआर तैयार कर कार्य आवंटित कर दिया है।
इसके अलावा काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर (नैनीताल), कनकचौरी से कार्तिक स्वामी, और रैथल-बारसू से बरनाला (उत्तरकाशी) के लिए भी डीपीआर तैयार की जा रही है।
गौरतलब है कि जोशीमठ भू-धंसाव के कारण जोशीमठ-औली रोपवे को नुकसान पहुंचा था। अब इस रोपवे को नई और आधुनिक तकनीक से दोबारा बनाया जाएगा। वहीं औली से आगे गौरसो की चोटी तक चेयर कार रोपवे के निर्माण की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है।
पहले यह डीपीआर ब्रिडकुल के माध्यम से तैयार की गई थी, लेकिन अब सरकार इसे एनएचएलएमएल के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। ब्रिडकुल द्वारा तैयार डीपीआर के आधार पर ही एनएचएलएमएल आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।
प्रदेश में 50 रोपवे प्रस्तावित
पर्वतमाला मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए कुल 50 रोपवे प्रस्तावित हैं। इनमें से पहले चरण में छह रोपवे को प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है। केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे का निर्माण कार्य अदाणी एंटरप्राइजेज द्वारा किया जाएगा। ये दोनों परियोजनाएं पीपीपी मोड पर एनएचएलएमएल के सहयोग से विकसित होंगी।
इन रोपवे के निर्माण से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
औली से गौरसो के बीच बनने वाला चेयर कार रोपवे स्कीइंग के शौकीनों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आसानी से गौरसो की चोटी तक पहुंच सकेंगे।
धीराज गर्ब्याल, सचिव पर्यटन ने बताया कि औली से गौरसो तक चेयर कार रोपवे की डीपीआर एनएचएलएमएल के माध्यम से तैयार की जाएगी और औली की ढलानों को स्कीइंग के लिए आधुनिक रूप से विकसित किया जाएगा।

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